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Bhaum Pradosh Vrat : भौम प्रदोष व्रत पर जरूर करें ये विशेष उपाय, कर्ज से मिलेगा छुटकारा

Bhaum pradosh vrat ke prabhaav : जैसा कि आप जानते ही है कि हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। लेकिन मंगलवार के दिन पड़ने के चलते यह भौम प्रदोष व्रत कहलाता है। ज्योतिषी शास्त्र के अनुसार भौम प्रदोष व्रत करने से व्रती को कर्ज की समस्या से मुक्ति मिलती है। साथ ही सभी प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक कष्ट से भी मुक्ति मिलती है। आइए जानते है इस व्रत के बारे में।
 
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Bhaum Pradosh Vrat : भौम प्रदोष व्रत पर जरूर करें ये विशेष उपाय, कर्ज से मिलेगा छुटकारा

HBN News Hindi (ब्यूरो) :  हिंदू धर्म में सभी तिथियों का विशेष महत्व है। वहीं भौम प्रदोष व्रत को बेहद महत्वपूर्ण है। अगर आपके ऊपर कर्जे का पहाड़ है और आप भी इस कर्ज से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो भौम प्रदोष व्रत पर ये विशेष (Pradosh Vrat)उपाय जरूर अपनाएं। इनसे आपको (bhaum pradosh vrat ke prabhaav)कर्ज की समस्या से मुक्ति मिलेगी।आपको बता दें कि भौम प्रदोष व्रत रखने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

 

मंगलवार के दिन इसकी महत्ता 

हिन्दू पंचाग के अनुसार, हर महीने दो प्रदोष व्रत होते है पहला(You will get relief from debt) कृष्ण पक्ष और दूसरा शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत जब मंगलवार के दिन हो तो इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है। इसे भौम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है।


यह व्रत इस दिन रखा जाएगा


हिन्दू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की (Bhaum Pradosh Vrat karj se milega chhutakaara)त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 4 जून को प्रात: 12 बजकर 18 मिनट से होगी जो उस दिन रात 10 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। ऐसे में यह व्रत 4 जून को ही रखा जाएगा।

 


भगवान शिव और पार्वती की पूजा 

 

मान्यताओं के अनुसार वैसे तो इस दिन (Dharma Aastha)भगवान शिव और पार्वती की पूजा होती है लेकिन भौम प्रदोष व्रत संकट मोचन हनुमान को भी समर्पित होता है। इसलिए कहा जाता है कि इस दिन व्रत और पूजा से कर्ज से छुटकारा मिल जाता हैं।

धन सम्बंधित समस्याएं भी दूर 
 बताया कि भौम प्रदोष व्रत के प्रभाव से हर धन सम्बंधित समस्याएं भी दूर होती है और घर में सुख शांति और ऐश्वर्य का वास होता है। इसके अलावा परिवार में खुशहाली भी बनी रहती है।

 

भद्रवास योग का निर्माण 
इस बार भौम प्रदोष व्रत के दिन भद्रवास योग का (ज्येष्ठ प्रदोष व्रत)निर्माण भी हो रहा है। मनोकामना की पूर्ति के लिए इस योग को बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस योग में भगवान शंकर की पूजा से साधकों को मनचाहा वर प्राप्त होता है।इसके अलावा विवाह सम्बंधित परेशानी भी दूर होती है।