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Crude Oil पर टैक्‍स एक बार फिर घटाया, ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में भी हुआ बदलाव

Windfall Tax In India : क्रूड ऑयल दामों में लगातार उतार-चढ़ाव होते रहते हैं और इसी के बीच सरकार ने पेट्रोलियम क्रूड पर विंडफॉल टैक्स को भी कम किया है। कच्चे तेल पर (Windfall tax on petrol) विंडफॉल टैक्स को लेकर हर महीने में एक नही ब्लकि दो बार जाँच की जाती है।  
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Crude Oil पर टैक्‍स एक बार फिर घटाया, ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में भी हुआ बदलाव 

HBN News Hindi (ब्यूरो) : पहले 1 मई को भी सरकार ने कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को 9,600 रुपये प्रति टन से घटाकर 8,400 रुपये प्रति टन कर दिया गया था।  वहीं दूसरी ओर सरकार (Windfall tax on ATF) ने डीजल, पेट्रोल और विमानन ईंधन यानी एटीएफ पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को शून्य पर बनाए रखने का फैसला लिया है।  आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

 


विंडफॉल टैक्स को कम किया कम


सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित होने वाले कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को कम कर दिया है।  विंडफॉल टैक्स में (crude oil Price) कई महीने से की जा रही बढ़ोतरी के बाद यह विंडफॉल टैक्स में लगातार दूसरी कटौती है।  इस फैसले की जानकारी बुधवार देर शाम को दी गई। 

 

एक बयान में बताया 


सीबीआईसी यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडाइरेक्ट टैक्सेज ने बुधवार देर शाम एक बयान में बताया कि (Windfall tax updates) घरेलू स्तर पर उत्पादित हो रहे कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को कम कर दिया गया है।  इस कटौती के बाद अब डोमेस्टिक क्रूड ऑयल पर 5,700 रुपये प्रति टन की दर से विंडफॉल टैक्स लगेगा।  इससे पहले विंडफॉल टैक्स 8,400 रुपये प्रति टन की दर से लग रहा था। 

नई दरें 16 मई से प्रभावी


सीबीआईसी ने बयान में कहा कि कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स की नई दरें 16 मई से प्रभावी (Windfall tax on petrol) हो जाएंगी।  इसका मतलब हुआ कि कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को कम करने का लिया गया यह फैसला आज से लागू हो चुका है। 

एटीएफ पर एक्सपोर्ट ड्यूटी शून्य


वहीं दूसरी ओर सरकार ने डीजल, पेट्रोल और विमानन ईंधन यानी एटीएफ पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को शून्य (Windfall tax on diesel) पर बनाए रखने का फैसला लिया है।  यानी घरेलू रिफाइनरों को डीजल, पेट्रोल और एटीएफ के निर्यात पर मिल रही छूट आगे भी बरकरार रहने वाली है।  इससे उन घरेलू कंपनियों को फायदा होता रहेगा, जो रिफाइनरी चलाती हैं और डीजल-पेट्रोल व एटीएफ जैसे रिफाइंड प्रोडक्ट को देश के बाहर के बाजारों में बेचती हैं। 

9,600 रुपये प्रति टन से घटाकर 8,400 रुपये 


इससे पहले 1 मई को भी सरकार ने कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को कम करने का (windfall tax review) फैसला लिया था।  उस समीक्षा में विंडफॉल टैक्स को 9,600 रुपये प्रति टन से घटाकर 8,400 रुपये प्रति टन कर दिया गया था।  उससे पहले विंडफॉल टैक्स को लगातार बढ़ाया जा रहा था।  एक महीने पहले 16 अप्रैल की समीक्षा में विंडफॉल टैक्स को 6,800 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 9,600 रुपये प्रति टन कर दिया गया था, जबकि इस वित्त वर्ष की पहली समीक्षा में इसे 4,900 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 6,800 रुपये प्रति टन कर दिया गया था। 

पहली बार जुलाई 2022 विंडफॉल टैक्स लगाया 


डोमेस्टिकली प्रोड्यूस्ड कच्चे तेल पर भारत में (sbse phle windfall tax kb lga tha) सबसे पहली बार जुलाई 2022 में विंडफॉल टैक्स लगाया गया था।  इसी तरह डीजल, पेट्रोल और विमानन ईंधन के निर्यात पर भी ड्यूटी लगाई गई थी।  कई प्राइवेट रिफाइनर कंपनियां ज्यादा मार्जिन कमाने के लिए डीजल, पेट्रोल और एटीएफ की घरेलू बाजार में बिक्री न कर उनका निर्यात कर रही थीं।  विंडफॉल टैक्स भी निर्यात पर लगने वाला एक तरह का टैक्स है।  सरकार हर पखवाड़े में इसकी समीक्षा करती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से इसे घटाने या बढ़ाने का फैसला करती है।