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Tata Group की यह कंपनी संकट में, अमेरिका की कोर्ट ने लगाया मोटा जुर्माना

Tata Group News : टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services) की इस समय परेशानियां बढ़ गई हैं। अमेरिका की अदालत ने टाटा समूह की आईटी कंपनी टीसीएस पर 194 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अमेरिकी आईटी सेवा फर्म डीएक्ससी (पूर्व में सीएससी) के ट्रेड सीक्रेट के दुरुपयोग के लिए ये जुर्माना लगाया है। कंपनी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के फैसले को उचित अदालत में चुनौती देने वाली है और समीक्षा याचिका दायर करने वाली है।

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Tata Group की यह कंपनी संकट में, अमेरिका की कोर्ट ने लगाया मोटा जुर्माना

HBN News Hindi (ब्यूरो) : ताजा अपडेट के अनुसार बता दें कि टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी टीसीएस को बड़ा झटका लगा है। एक अमेरिकी अदालत ने टाटा समूह की आईटी कंपनी के ऊपर करोड़ों रपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने खुद इसकी जानकारी दी है। दरअसल एक अमेरिकी अदालत ने अमेरिकी आईटी सेवा फर्म DXC (पूर्व में सीएससी) के ट्रेड सीक्रेट के दुरुपयोग के लिए TCS (TCS par Jurmana)पर 194 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है। 

 

 

यह कहा अदालत ने


अदालत ने कहा कि टीसीएस को सीएससी को 56 मिलियन डॉलर का कंपनसेटरी डैमेज और 112 मिलियन डॉलर का एक्जेम्पलरी डैमेज देना होगा। अदालत ने यह भी कहा कि टीसीएस 13 जून तक 25 मिलियन डॉलर का पूर्व-निर्णय ब्याज देने के लिए उत्तरदायी है। इसने टीसीएस के खिलाफ कुछ निषेधाज्ञा और अन्य राहतें भी पारित की हैं।

 

अमेरिकी बीमा कंपनी से रद्द किया था सौदा


साल 2018 में, TCS ने अपनी डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाने और 10 मिलियन से अधिक पॉलिसियों की सेवा को एक एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म में सरल बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए टीसीएस ने अमेरिकी बीमा कंपनी ट्रांसअमेरिका से $2.5 बिलियन का सौदा हासिल किया था। हालांकि, पिछले साल जून में, ट्रांसअमेरिका (American IT services firm)ने चुनौतीपूर्ण व्यापक आर्थिक स्थितियों का हवाला देते हुए TCS के साथ $2 बिलियन, 10-वर्षीय सौदे को रद्द कर दिया था।

 

 

 

2019 में लगे थे आरोप


साल 2019 में DXC के मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि टीसीएस द्वारा नियोजित किए गए अधिकांश पूर्व ट्रांसअमेरिका/MSI कर्मचारी CSC सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करके ट्रांसअमेरिका/MSI में नीतियों का प्रशासन और प्रसंस्करण कर रहे थे। मुकदमे में टीसीएस कर्मचारियों के बीच आदान-प्रदान किए गए ईमेल का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया कि उन्हें Vantage सॉफ़्टवेयर में जरूरी समाधान मिला। 

कंपनी करेगी समीक्षा याचिका दायर


बाद में, एक टीसीएस (TATA group)कर्मचारी ने कथित तौर पर इस गणना से संबंधित वास्तविक Vantage स्रोत कोड की प्रतिलिपि बनाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के फैसले को उचित अदालत में चुनौती देने वाली है और समीक्षा याचिका दायर करने वाली है।