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SEBI ने निवेशकों को दी राहत, अब म्यूचुअल फंड और डीमैट खाताधारकों के अकाउंट नहीं किए जाएंगे जब्त

Business news :बाजार नियामक सेबी की ओर से निवेशकों को राहत दे दी गई है।अगर आप भी म्‍यूचुअल फंड और शेयरों में पैसा लगाते हैं तो ये खबर आपके लिए काम की है आपको बता दें कि सेबी ने निवेशकों के लिए एक बड़ा अपडेट दिया है। अपडेट के मुताबिक मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) अब उन लोगों के डीमैट अकाउंट या पोर्टफोलियो को जब्त नहीं करेगा जिन्होंने नॉमिनी की जानकारी नहीं दी।आइए जानते हैं इस बारे में डिटेल से।

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SEBI ने निवेशकों को दी राहत, अब म्यूचुअल फंड और डीमैट खाताधारकों के अकाउंट नहीं किए जाएंगे जब्त

HBN News Hindi (ब्यूरो) : म्‍यूचुअल फंड और शेयरों में पैसा लगाने वालों के लिए राहत भरी खबर है,बता दें कि मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI)  ने यह फैसला मार्केट से जुड़े तमाम पार्टिसिपेंट्स से विचार (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया )विमर्श करने के बाद लिया है। अब उन निवेशकों के म्यूचुअल फंड या डीमैट खातों(Mutual Fund account)को जब्त नहीं करेगा, जिन्होंने अपने नॉमिनी से जुड़ी जानकारियां नहीं दी हैं। आइए जानते है इस बारे में।

 

नॉमिनेशन का विकल्प
इसके अलावा फिजिकल रूप में सिक्योरिटीज रखने वाले निवेशक अब डिविडेंड, ब्याज या सिक्योरिटीज को भुनाने जैसे किसी भी भुगतान को पाने के लिए पात्र होंगे। इसके साथ ही निवेशक ‘नॉमिनेशन का विकल्प’ न चुनने पर भी शिकायत दर्ज करने या रजिस्ट्रार और (Securities and Exchange Board of India)ट्रांसफर एजेंट (RTA) से किसी भी सेवा का अनुरोध पाने के हकदार होंगे।

 

30 जून की समयसीमा तय 


इससे पहले सेबी ने सभी मौजूदा व्यक्तिगत म्यूचुअल फंड धारकों के लिए नॉमिनी का विवरण देने या नॉमिनेशन से बाहर निकलने के लिए 30 जून की समयसीमा तय की थी। नियम का पालन न करने पर उनके खातों से निकासी पर रोक लगाई जा सकती थी। हालांकि, सेबी ने(mutual fund folios) सोमवार को जारी सर्कुलर में कहा कि कंप्लायंस में सुगमता और निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मौजूदा निवेशकों या यूनिटधारकों के लिए ‘नॉमिनेशन का विकल्प’ न देने पर डीमैट अकाउंट्स के साथ म्यूचुअल फंड अकाउंट्स पर रोक नहीं लगाने का फैसला किया गया है।

 

 

नए निवेशकों को मिलेगी नॉमिनेशन का विकल्प की व्यवस्था


मार्केट रेगुलेटर ने कहा कि लिस्टेड कंपनियों या आरटीए द्वारा ‘नॉमिनेशन का विकल्प’ न देने (business news in hindi)की वजह से फिलहाल रोके जा चुके भुगतान को भी अब निपटाया जा सकेगा। इसके साथ ही सेबी ने यह साफ किया कि सभी नए निवेशकों और म्यूचुअल फंड यूनिटधारकों को डीमैट अकाउंट/म्यूचुअल फंड फोलियो के लिए अनिवार्य रूप से ‘नॉमिनेशन का विकल्प’ देने की व्यवस्था जारी रहेगी।

 

 

सेबी द्वारा जारी किया गया फॉर्मेट


नियामक ने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट, एएमसी या आरटीए से कहा है कि वे डीमैट अकाउंटहोल्डर्स या म्यूचुअल फंड यूनिटधारकों को ईमेल और एसएमएस(SEBI Ka nya update) के जरिए पाक्षिक आधार पर मैसेज भेजकर ‘नॉमिनेशन का विकल्प’ अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित करें। रेगुलेटर को अपडेट(Demat account) करने के लिए नॉमिनी का नाम, नॉमिनी की हिस्सेदारी और आवेदक के साथ संबंध के बारे में बताना होगा। सेबी ने डीमैट अकाउंट्स और एमएफ फोलियो में नॉमिनेशन का विकल्प देने और नॉमिनेशन से बाहर निकलने के लिए एक फॉर्मेट भी जारी किया है