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Personal Loan : इतनी कमाई होने पर पर्सनल लोन लेना हो जाएगा आसान, नहीं भरना पड़ेगा ज्यादा ब्याज

Personal Loan Update : अगर आप भी पर्सनल लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो आपकों बता दें कि पर्सनल लोन (personal loan)लेने के लिए वैसे तो आपकी इनकम इतनी मायने नहीं रखती है लेकिन अगर आपकी वेतन इससे अधिक है तो कोई भी बैंक आपको अधिक ब्याज भरने के लिए बाध्य नहीं कर सकती हैं आइए जानते हैं इसके कारण के बारे में खबर के माध्यम से।
 
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Personal Loan : इतनी कमाई होने पर पर्सनल लोन लेना हो जाएगा आसान, नहीं भरना पड़ेगा ज्यादा ब्याज

HBN News Hindi (ब्यूरो) : आज के समय में पर्सनल लोन (personal loan) मिलना काफी आसान हो गया है। जब भी आप किसी बैंक में पर्सनल लोन लेने के लिए जाते हैं तो सबसे पहले आपका सिबिल चेक किया जाता है और बाद में आपके वैतन के बारे में पूछा जाता हैं इसके अपने कारण हैं पहला कि आप लेन-देन में कैसे हैं और दुसरा आप लोन चुकाने में सक्षम (able to repay loan) है या नहीं आइए जानते है अधिक वेतन वालों को कौन से फायदे अधिक दिए जाते हैं जानें खबर में ।
 
 

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पर्सनल लोन के बारे में अपडेटिड रिपोर्ट


एक हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि होम लोन के बाद देश में सबसे ज्‍यादा पर्सनल लोन (Highest personal loan) लिया जाता है। बैंक भी ग्राहकों को खुशी-खुशी यह लो दे देते हैं, क्‍योंकि इस पर ब्‍याज दर जमकर वसूल पाते हैं। लेकिन, पर्सनल लोन लेने से पहले कुछ बातों का ध्‍यान रखा जाए तो बैंक आपसे मनमाना ब्‍याज नहीं वसूल सकेंगे। इससे आपकी ईएमआई का बोझ (EMI burden) कम रहेगा और जल्‍द कर्ज चुकाने में भी मदद मिलेगी।
 

इन शर्तो को पूरा करने पर आपको पर्सनल लोन सस्ता पड़ता है 


 

कितनी कमाई पर मिलता है लोन

 


पर्सनल लोन के लिए व्‍यक्ति के पास निश्चित कमाई का स्रोत होना जरूरी है। बैंक पर्सनल लोन तभी देते हैं, जबकि आपके पास निश्चित कमाई का कोई ठोस साधन (a solid means of fixed income) जरूर हो। नौकरीपेशा व्‍यक्ति के मामले में अमूमन 30 हजार रुपये की सैलरी मिलने पर ही पर्सनल लोन (Personal loan only after receiving salary) दिया जाता है। इसके अलावा रिटायर व्‍यक्ति को पर्सनल लोन देने से बैंक कतराते हैं।
 

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लोन की जरूरत क्‍यों है


पर्सनल लोन से पहले यह सवाल खुद से पूछें कि लोन की आवश्यकता (loan requirement) क्यों है? यह मूल्यांकन करना जरूरी है कि, क्या आपको वास्तव में लोन की आवश्यकता है? क्या यह लोन आपकी जरूरत पूरी कर देगा और क्‍या लोन के बजाए दोस्‍तों या रिश्‍तेदारों से पैसे उधार लेकर आपका काम चल सकता है।
 


 
मुझे कितना लोन लेना चाहिए?


पर्सनल लोन लेने का अर्थ है नई लोन एग्रीमेंट का चयन करना और अपनी आवश्यकता से अधिक उधार लेने से बचना। इससे पहले कि आप किसी लोनदाता की तलाश शुरू करें, आप आवश्यक धनराशि की सटीक गणना कर लें। इससे पता चल जाएगा कि आपको कितना पैसा चाहिए। उसी हिसाब से आप आगे का प्रबंध करें।
 


लोन की अवधि क्या है?


पर्सनल लोन पर विचार (Considerations on personal loan) करते समय लोन अवधि को समझना महत्वपूर्ण है। पर्सनल लोन की अवधि आमतौर पर 12 महीने से 60 महीने तक होती है। कुछ वित्तीय संस्थान अधिकतम 96 महीने की अवधि और न्यूनतम 6 महीने की अवधि भी देते हैं। सही लोन अवधि का चयन करने से आपको अपनी विशिष्ट वित्तीय आवश्यकताओं और लोन चुकाने की क्षमता के अनुसार सही लोन लेने में मदद मिल सकती है। अगर ईएमआई का बोझ कम रखना है तो लंबी अवधि का लोन चुनें। हालांकि, छोटी अवधि के लोन पर ब्‍याज दर कम लगती है।


क्या आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है?


पर्सनल लोन के लिए आवेदन (Apply for personal loan) करने से पहले, अपना वर्तमान क्रेडिट स्कोर जानना अनिवार्य है। वैसे तो कोई न्यूनतम स्वीकार्य क्रेडिट स्कोर नहीं है लेकिन 750 या उससे ऊपर का स्कोर बनाए रखना अच्छा माना जाता है। इससे आपको कम ब्‍याज पर पर्सनल लोन लेने में आसानी होगी।
 

 
लोन मिलने में कितना समय लगेगा


आपके आवेदन और लोन राशि के कारण आपको धनराशि प्राप्त करने से पहले थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। लोन राशि प्राप्त करने में लगने वाला समय महत्वपूर्ण हो सकता है, खासकर जब आपके पास वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए समय कम हो। लिहाजा लोन मिलने की अवधि पर बैंक से पहले ही बातचीत कर लेना जरूरी होता है।

 

 

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लोन के लिए जरूरी दस्‍तावेज


पर्सनल लोन का आवेदन करने से पहले आपको लोनदाता को जरूरी डॉक्‍यूमेट उपलब्ध कराने होंगे। लोन का जल्द से जल्द डिस्बर्समेंट सुनिश्चित करने के लिए आपको दस्तावेज़ पहले से तैयार रखना चाहिए। इन दस्तावेज़ों में आम तौर पर आईडी, आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र आदि शामिल होते हैं। साथ में दो साल का आयकर रिटर्न (ITR) भी मांगा जाता है।