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Mukesh Ambani : बड़े भाई ने बचाई छोटे भाई की गुडविल, इन हालातों में बने मुकेश अंबानी अपने भाई का सहारा

Mukesh Ambani News : आज के समय में हर कोई मुकेश अंबानी के बारे में जानता है लेकिन एक बेहतरीन बिजनेसमेन के नजरिए से लेकिन आपको बता दें कि मुकेश अंबानी के परिवार में बंटवारे के बाद जब छोटे भाई अनिल अंबानी का बिजनेस में भारी नुकसान हुआ और कर्जदारों की भीड़ लग गई तो मुकेश अंबानी ने अपने छोटे भाई की उधार चुकाने में काफी मदद की थी। आइए जानते हैं इस बारे में डिटेल से।
 
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Mukesh Ambani : बड़े भाई ने बचाई छोटे भाई की गुडविल, इन हालातों में बने मुकेश अंबानी अपने भाई का सहारा

HBN News Hindi (ब्यूरो) : देश के सबसे बड़े उद्दोगपति में से एक Mukesh Ambani मात्र एक अच्छा बिजनेसमेन ही नहीं ब्लकि एक अच्छे भाई भी हैं आपको बता दें कि 2019 में जब anil ambani पर मुशीबत का आसमान टूटा तो Mukesh Ambani ने अपने भाई की मदद करने से पैर पीछे नहीं हटाया और उनके कर्जो को चुकाने में भारी सहयोग दी । आइए जानते हैं इस घटना के बारे में इस खबर में डिटेल से ।

 

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Ambani Brothers: बात बहुत पुरानी नहीं है।।वाकया साल 2019 का है, जब कर्ज में डूबे anil ambani के सामने जेल जाने का संकट मंडराने लगा। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि या तो anil ambani चार हफ्ते के भीतर 460 करोड़ रुपये चुकाए वरना तीन महीनों के लिए जेल जाना होगा।


 

मुकेश अंबानी अपने भाई के इन हालातों में आए काम


दरअसल anil ambani की कंपनी आरकॉम ने स्वीडन के टेलिकॉम ग्रुप एरिक्सन (Telecom Group Ericsson) से कर्ज लिया था। तय वक्त में उन्हें ये रकम चुकानी थी, जो वो कर न सके। उन्होंने एक साल पहले भी कोर्ट के सामने वादा किया था कि वो कर्ज चुका देंगे, जिसे वो पूरा नहीं कर सके। जिसके बाद एरिक्सन ने कोर्ट (Ericsson Court) का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने अनिल अंबानी को 4 हफ्ते के वक्त दिया और कहा या तो पैसा जमा करें या जेल जाएं। वक्त बीत रहा था, लेकिन अनिल अंबानी फंड नहीं इकट्ठा कर पा रहे थे।


इस तरह बचाई भाई की गुडविल

 

साल 2005 में जब मुकेश और अनिल अंबानी के बीच बिजनेस (Anil Ambani's business)और संपत्ति का बंटवारा हुआ, तब ये भारत के इतिहास का सबसे बड़ा कॉरपोरेट बंटवारा था। दोनों भाई के बीच मनमुटाव हो गया, लेकिन समय का पहिया घूमा और दिवालिया होने की कगार पर पहुंचे अनिल को बचाने के लिए मुकेश अंबानी ने हाथ बढ़ाया।

 

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इतने का था कर्ज


बंटवारे के बाद से अनिल अंबानी अपना कारोबार ठीक से चला नहीं सके। कर्ज में कंपनियां डूबती चली गई। एक-एक करके उनके कारोबार बैठने लगे। सबसे मुश्किल दौर साल 2019 रहा, जब स्वीडिश की टेक्नोलॉजी कंपनी एरिक्सन का उधार वापस करने के समय आया। अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस पर एरिक्सन का 460 करोड़ रुपये का उधार बाकी था। सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी तरह की राहत देने से मना कर दिया।

 

रिजॉल्यूशन प्रोसेस 


कोर्ट के आदेश के बाद अनिल अंबानी और रिलायंस टेलीकॉम (Reliance Telecom) के अध्यक्ष सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल की अध्यक्ष छाया विरानी पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। अनिल अंबानी पर कर्ज का बोझ किसी से छिपा नहीं था। हालांकि आरकॉम के 1।78 लाख रूट किलोमीटर का फाइबर एसेट्स (fiber assets) और 43,540 मोबाइल टॉवर पर बड़ी टेलीकॉम कंपमियों की नजरें थी। कंपनी इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस के दौर में थी। अनिल अंबानी की मदद के लिए बड़े भाई मुकेश अंबानी सामने आए। डेडलाइन खत्म होने से ठीक दो दिन पहले उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए अनिल अंबानी की मदद की। उन पैसों की मदद से अनिल अंबानी की कंपनी ने कोर्ट की डेडलाइन खत्म होने से पहले एरिक्सन का कर्ज चुका पाए और जेल जाने से बच गए।

 

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अनिल अंबानी का अपने भाई के लिए जज़्बात


हालांकि मुकेश अंबानी ने यूं ही उन्हें इसका बड़ा अमाउंट नहीं दिया। अनिल अंबानी की आरकॉम ने मुकेश अंबानी की रिलांयस इंडस्ट्रीज (RCom acquires Mukesh Ambani's Reliance Industries) की एक कंपनी को लीज पर रखने को दिया। जिससे अनिल अंबानी स्वीडिश कंपनी एडिक्सन को पैसा लौटा सके।  बाद में उन्होंने भावुक होकर अपने भाई मुकेश अंबानी और भाभी नीता अंबानी को धन्यवाद किया। अनिल अंबानी ने सार्वजनिक तौर पर अपेन भाई-भाभी का आभार जताया और कहा कि संकट की इस घड़ी में मेरे साथ खड़े रहने के लिए मैं अपने बड़े भाई मुकेश और भाभी नीता को धन्यवाद कहता हूं। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि अपने पारिवारिक मूल्यों के प्रति सच्चाई (True to family values) के साथ खड़े रहना कितना जरूरी है। मैं और मेरा परिवार उनके इस कदम के काफी आभारी हैं ।