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MCLR में हुई भारी बढोतरी, अब लोन लेना पड़ेगा इतना मंहगा

MCLR Update : अगर आप भी होम लोन या पर्सनल लोन लेने के बारे में सोच रहे हो तो आपको बता दें आरबीआई ने MCLR (RBI MCLR) की दरों में भारी बढोतरी कर दी है। जिस कारण आपको बता दें कि अब आपको लोन लेना मंहगा पड़ने वाला है । जिससे ग्राहकों के जेब पर तगड़ा असर पड़ने वाला है । आइए जानते हैं इस MCLR में हुई बढोतरी के कारण ।
 
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MCLR में हुई भारी बढोतरी, अब लोन लेना पड़ेगा इतना मंहगा

HBN News Hindi (ब्यूरो) : अगर आप भी सरकारी बैंक से लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है । आपको बता दें कि अब आरबीआई ने MCLR में भारी बढोतरी कर दी है आइए जानते हैं करंट MCLR रेट में हुई बढोतरी के बारे में खबर के माध्यम से । 
 

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इतने प्रतिशत की हुई बढोतरी


सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने ग्राहकों को झटका दिया है। बैंक ने ब्याज दर में इजाफा किया है। एमसीएलआर को बढ़ा दिया है। पिछले दिनों भारतीय रिजर्व बैंक (reserve Bank of India) की ओर से रेपो रेट (repo rate) 6.5 फीसदी पर स्थिर रखा गया था। इसके बाद भी अब बैंक की ओर से ब्याज दर में बढ़ोतरी (interest rate increase) की गई है।

 

बैंक ऑफ बड़ौदा  का इंट्रस्ट रेट

 

बैंक ऑफ बड़ौदा ने 12 अप्रैल 2024 से अपने मार्जिनल कॉस्ट फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) को 4 टेन्योर में 0.05 फीसदी तक बढ़ाया है। अब ये नई दरें लागू होने के साथ ही ओवरनाइट एमसीएलआर 8.10 फीसदी है, जो पहले 8.05 फीसदी था। अब 3 महीने की एमसीएलआर 8.45 फीसदी होगी। यह पहले 8.40 फीसदी थी। छह महीने की एमसीएलआर 8.65 फीसदी है। वहीं एक साल की एमसीएलआर (MCLR of the year) 8.85 फीसदी होगी।

 

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MCLR में बढ़ोतरी 


इसी तरह सरकारी बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) ने भी मार्जिन कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट यानी MCLR में बढ़ोतरी की है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, सरकारी बैंक एमसीएलआर में 0.05 से 0.10 फीसदी तक की बढ़ोतरी करेगी। बैंक ने कहा कि सोमवार से एमसीएलआर दरों में बढ़ोतरी होगी।


 

एमसीएलआर का अर्थ


एमसीएलआर की दर(MCLR rate) वह होती है, जिससे कम पर बैंक लोन नहीं जारी कर सकता है। बैंकों को अपना एमसीएलआर जारी करना अनिवार्य होता है। एमसीएलआर यह वह न्यूनतम दर होती है जिसके नीचे कोई भी बैंक ग्राहकों को लोन नहीं दे सकता है, यानी कि इस रेट के नीचे बैंक ग्राहकों को लोन नहीं दे सकते। एमसीएलआर बढ़ने (MCLR increase) का मतलब है कि मार्जिनल कॉस्ट से जुड़े लोन महंगे हो जाएंगे। इससे लोगों को ज्यादा ईएमआई देनी पड़ती है।

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इतने समय के लिए बढे MCLR 


MCLR बढ़ने का मतलब है कि मार्जिनल कॉस्ट से जुड़े लोन जैसे- होम लोन, व्हीकल लोन पर ब्याज दरें बढ़ जाएंगी, लेकिन ये ध्यान रखें कि एमसीएलआर रेट (MCLR rate) बढ़ने पर लोन पर ब्याज दरें तुरंत नहीं बढ़ती हैं। लोन लेने वालों की ईएमआई रीसेट डेट पर ही आगे बढ़ती है।