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Loan Growth News : कम डिपॉजिट वाले बैंकों को ज्यादा लोन देना पड़ सकता है महंगा, एजेंसी ने कही यह बात

Bank News Update : नए वित्तीय वर्ष के शुरु होते ही बैंको को लेकर (S&P Global Ratings)काफी तरह की चर्चा सुनने को मिल रही है। एक (Indian Banks)प्रतिष्ठित एंजेसी के आला अधिकारी ने तो आने वाले (Loan Growth)वित्तीय संकट को देखते हुए यह तक कह दिया है कि बैंकों को लोन देना कम (Deposit Growth)करना होगा अन्यथा डिपोजिट रेट पर नेगेटिव असर दिखेगा। 

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Loan Growth News : कम डिपॉजिट वाले बैंकों को ज्यादा लोन देना पड़ सकता है महंगा, एजेंसी ने कही यह बात

HBN News Hindi (ब्यूरो) : वर्तमान समय में (bank loan)बैंकों की स्थिति मजबूत है। चाहे बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ की बात करें (भारत के बैंक)या फिर मुनाफा और या फिर एसेट (बैंकों में डिपॉजिट)क्वालिटी में सुधार की। बैंक इन सभी चीजों में सुधार कर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है लेकिन डिपोजिट रेट की बात करें तो यह बैंकों की ओर से सही (एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स)नहीं है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो वो दिन (प्राइवेट सेक्टर बैंक)दूर नहीं कि बैंकों की स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती चली जाएगी। इस स्थिति से बचने के (सरकारी बैंक)लिए बैंकों को अब लोन देना कम करना होगा ताकि डिपोजिट रेट को बढ़ाया जा सकें। आइये जानते हैं कि इस मामले को लेकर आला अधिकारी ने और क्या तर्क दिए है। 

 

 

 

लोन ग्रोथ 18 फीसद है


ग्लोबल रेटिंग्स एजेंसी डायरेक्टर निकिता आनंद ने बताया(लोन ग्रोथ) कि आम तौर लोन ग्रोथ प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की ज्यादा होती है. प्राइवेट बैंकों की लोन ग्रोथ लगभग 17-18 फीसदी है. इसकी तुलना में सरकारी बैंकों की लोन ग्रोथ 12 से 14 फीसदी बनी हुई है। 

 

 

बैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ ज्यादा


डायरेक्टर निकिता आनंद ने बताया कि वित्त वर्ष 2025 में बैंकिंग (ग्लोबल रेटिंग्स एजेंसी)सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ लगभग 14 फीसदी रह सकती है। वित्त वर्ष में यह 16 फीसदी रही थी. मगर, डिपॉजिट (डिपॉजिट ग्रोथ)की ग्रोथ लोन ग्रोथ से लगभग 2 से 3 फीसदी कम है. ऐसे में हम उम्मीद करते हैं कि चालू वित्त वर्ष में बैंक कम संख्या में लोन देंगे. अगर डिपॉजिट नहीं बढ़ा तो बैंकों के मुनाफे पर उसका नकारात्मक असर दिखाई देगा ।

डिपॉजिट ग्रोथ बढ़ाने पर ध्यान दें बैंक 


बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि (भारत की इकोनॉमी)भारतीय बैंक 15 से 20 फीसदी लोन ग्रोथ को आसानी से हासिल कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें पूंजी उगाहने की (बैंकिंग सेक्टर)भी जरूरत नहीं पड़ेगी. मगर, यह डिपॉजिट की बराबरी पर आनी चाहिए. भारत की इकोनॉमी मजबूत होती जा रही है. बैंकिंग सेक्टर इसमें (बिजनेस न्यूज)अहम रोल निभाने वाला है. इसके लिए उन्हें डिपॉजिट बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए । 

जीडीपी से 1.5 गुना चल रही है क्रेडिट ग्रोथ 


निकिता आनंद ने कहा कि लोन ग्रोथ जीडीपी की वृद्धि से लगभग 1.5 गुना बनी हुई है, जबकि डिपॉजिट ग्रोथ (हिंदी न्यूज)जीडीपी के बराबर चल रही है. देश में लोन ग्रोथ को डिपॉजिट ग्रोथ के बराबर लाना होगा. बैंकों को लोन ग्रोथ को बहुत आगे बढ़ने से रोकना होगा. अगर क्रेडिट ग्रोथ धीमी नहीं हुई तो इसके लिए बैंकों को अन्य स्त्रोतों से पैसों का इंतजाम करना पड़ेगा, जो कि उनके लिए सही नहीं रहेगा ।