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Income tax : इनकम टैक्स रिटर्न भरने से होंगे ढेरो फायदें, क्या आपको पता है

Income tax News : इनकम टैक्स रिटर्न (income tax return)भरना हर इंसान का कर्तव्य है। कुछ कैटेगरी को छोड़कर यदि आप इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरते हो तो आप अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं। तो आइये जानते हैं कि इनकम टैक्स रिटर्न भरने के क्या क्या फायदे है। 
 
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Income tax : इनकम टैक्स रिटर्न भरने से होंगे ढेरो फायदें, क्या आपको पता है 

HBN News Hindi (ब्यूरो) : क्या आप इनकम टैक्स रिटर्न (income tax return)भरते हैं तो यह खबर आपके लिए है। आज हम आपको इनकम टैक्स रिटर्न भरने के फायदों के बारे में बताना चाह रहे हैं। अक्सर लोगों की ऐसी जानकारियों के बारे में पता नहीं होता और वे जानकारी के अभाव में ढेरो फायदें लेने की बजाय काफी सारी गल्रतियां करते हैं। तो आइये जानते हैं कि इस पूरे मामले के बारे में। 

जानिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के फायदे 


पेनल्टी से बचाता है : आयकर रिटर्न (income tax return) दाखिल करना उन व्यक्तियों के लिए अनिवार्य है जिनकी आय आयकर विभाग (Income tax department) द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक है। जिनकी आय टैक्स के दायरे में आती है वे समय पर अपना रिटर्न दाखिल करके जुर्माने और कानूनी कार्यवाही से बच सकते हैं।

टैक्स रिफंड क्लेम के लिए चाहिए ITR: अगर आपने TDS (Tax Deducted at Source) या एडवांस टैक्स पेमेंट के जरिए जरूरत से ज्यादा टैक्स का भुगतान किया है, तो रिटर्न फाइल करके आप रिफंड क्लेम कर सकते हैं. यह खास तौर पर तब फायदेमंद साबित हो सकता है यदि आपके पास ऐसे इन्वेस्टमेंट या एक्सपेंस हैं, जो छूट के दायरे में आते हैं. यदि किसी की इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती, फिर भी किसी वजह से उसका TDS कट जाता है. ऐसे में अगर उसे अपना रिफंड चाहिए तो इसके लिए आईटीआर (ITR) भरना जरूरी है. यानी टैक्स रिफंड क्लेम करने के लिए आपको ITR फाइल करना जरूरी है। 

फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स तक पहुंच: कई फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट, जैसे कि बैंक और NBFC (Non-Banking Financial Companies) लोन पास करने के लिए इनकम प्रूफ के तौर पर ITR की मांग करते हैं. रिटर्न फाइल करने की आदत आपकी क्रेडिबिलिटी को बढ़ाती है जिससे लोन, क्रेडिट कार्ड और दूसरे फाइनेंशियल प्रोडक्ट मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

कटौती और छूट का फायदा: रिटर्न दाखिल करके आप आयकर अधिनियम के तहत उपलब्ध कटौती और छूट का लाभ उठा सकते हैं। जैसे, आप कर-बचत उपकरणों (भविष्य निधि, ईएलएसएस) में निवेश पर, बीमा प्रीमियम के भुगतान पर, धर्मार्थ संगठनों को दान पर, और गृह ऋण और शिक्षा-संबंधित खर्चों पर छूट का लाभ उठा सकते हैं।


जांच से बच सकते हैं: नियमित रूप से रिटर्न दाखिल करने से आप आयकर विभाग (Income tax department) की जांच से बच सकते हैं। यह आपके वित्त से संबंधित मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने में भी मदद करता है।


फाइनेंशियल प्लानिंग: आयकर रिटर्न दाखिल (income tax return) करने से आपके वित्तीय लेनदेन, आय के स्रोत और कर देनदारियों का पूरा रिकॉर्ड मिलता है। यह जानकारी वित्तीय योजना, बजट बनाने और निवेश निर्णय लेने में बहुत उपयोगी है।


सरकारी फायदे: कुछ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी के लिए इनकम प्रूफ दिखाने की जरूरत होती है, जिसे इनकम टैक्स रिटर्न (income tax return) के जरिए दिखाया जा सकता है. रिटर्न फाइल करके, आप सरकार की तरफ से दिए जाने वाले कई सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट और सब्सिडी के लिए एलिजिबल यानी पात्र हो जाते हैं।


इंश्योरेंस कवर के लिए भी ITR जरूरी: अगर आपको इंश्योरेंस कवर ज्यादा चाहिए या फिर 1 करोड़ रुपए तक के टर्म प्लान पर इंश्योरेंस कंपनियां आपसे ITR की मांग करती हैं. व्यक्ति के इनकम का सोर्स और उसके चुकाने की स्थिति को जांचने के लिए इंश्योरेंस कंपनियां ITR की डिमांड करती हैं।


वीजा के लिए चाहिए ITR: अगर आप किसी दूसरे देश घूमने जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो इसके लिए पहले आपको वीजा (Visa) हासिल करना होगा. वीजा के लिए अप्लाई करते समय कई देश आपसे इनकम टैक्स रिटर्न मांगते हैं. वीजा अथॉरिटी अपने देश का वीजा देने के लिए आपसे 3 से 5 साल के ITR की मांग कर सकती हैं. ITR के जरिए वीजा अथॉरिटीज ये जांचती हैं कि जो व्यक्ति उनके देश में आ रहा है या आना चाहता है उसका फाइनेंशियल स्टेटस क्या है और क्या वो वहां रहने का खर्च उठा सकता है।