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Income Tax ने बदल दिया टैक्स का पुराना रिजिम, टैक्सपेयर्स को मिले बेशुमार फायदे

Income Tax  Update: अगर आप भी एक टेक्सपेयर्स हैं तो आपको बता दें आयकर विभाग ने टेक्स भरने के लिए प्रयोग में लाई जानें वाली रिजिम के साथ साथ स्लेब में भी बदलाव कर दिए हैं । नए स्लेब में आपको काफी बदलाव देखने को मिल सकता है आइए जानते हैं इन बदलाव के बारे में खबर के माध्यम से ।
 
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Income Tax ने बदल दिया टैक्स का पुराना रिजिम, टैक्सपेयर्स को मिले बेशुमार फायदे

HBN News Hindi (ब्यूरों) : आज के समय हर कोई टैक्स के बदलते नियमो (changing tax rules)से परेशान है उस पर ताजे अपडेट के अनुसार आपको बता दें आयकर विभाग ने Tax Regime को बदलकर नया टैक्स रिजिम लागू कर दिया है जो कि आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं आइए जानते हैं इस बारे में संक्षिप्त से ।

 

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New Tax Regime Vs Old Tax Regime- वित्त वर्ष 2023-24 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR File) भरने का समय चल रहा है। हर कोई खासकर टैक्सेबल स्लैब में आने वाले लोग ज्यादा से ज्यादा टैक्स बचाने की हरसंभव जुगत करते हैं। यह काम पहले से ही कम पेचीदा नहीं था कि अब दो प्रकार की कर व्यवस्था ने टैक्सपेयर्स के लिए मुश्किलें ज्यादा बढ़ा दी हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से टैक्सपेयर्स के लिए  ITR-1, ITR-2 और ITR-4 फॉर्म जारी कर दी गई हैं। इनकम टैक्स फाइल (ITR Filing 2024) करने की डेडलाइन 31 जुलाई 2024 है। 
 

टैक्स रिजीम में किसमें ज्यादा टैक्स 


इस बार आपको आईटीआर भरते समय  इनकम टैक्स की नई और पुरानी रीजीम (New Vs Old Tax Regime 2024) में से किसी एक को सेलेक्ट करना होगा। ऐसे में टैक्सपेयर्स इस कैलकुलेशन में लगे हैं कि इन दोनों टैक्स रिजीम में किसमें ज्यादा टैक्स (Tax Saving tips) बचेगा। इसके अलावा वह ये जानना चाह रहे हैं कि कौन-सी टैक्स रिजीम बेस्ट है।


टैक्स रिजीम में ये बदलाव किए गए

जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल, यानी 2023 में बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यू टैक्स रिजीम को डीफ़ॉल्ट बनाने की घोषणा की, जिसके बाद सभी टैक्सपेयर्स के लिए पुरानी टैक्स रिजीम (OLD Tax Regime) और नई टैक्स रिजीम (New Tax Regime 2024) में से किसी एक को चुनना अनिवार्य हो गया। 

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टैक्स एग्ज़म्प्शन की लिमिट 


इसी दौरान, उन्होंने इनकम टैक्स की नई रिजीम में टैक्स एग्ज़म्प्शन (Tax Exemption limit) की लिमिट को भी ₹2.5 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख करने का ऐलान भी किया। इसका मतलब हुआ कि अगर किसी व्यक्ति की सालाना इनकम ₹3 लाख या इससे कम है, तो उसे कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा। 


 

इतनी टैक्स की देनदारी से छूट मिली

इसके साथ ही इनकम टैक्स एक्ट (income tax act), 1961 के सेक्शन 87ए के तहत न्यू टैक्स रिजीम में टैक्स रिबेट को भी ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹7 लाख कर दिया गया। इसका अर्थ हुआ कि अगर किसी व्यक्ति की सालाना इनकम 7 लाख रुपये तक है, तो उसे नई रीजीम में टैक्स की देनदारी से छूट मिल जाएगी, और कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा। 

इतने फ़ीसदी टैक्स वसूला जाएगा


इन सब के अलावा, नई टैक्स रिजीम में टैक्स स्लैब (Tax slab) में भी बदलाव किया गया, और अब ₹3 लाख से ₹6 लाख तक 5 फ़ीसदी टैक्स वसूला जाएगा, ₹6 से 9 लाख तक की आय पर 10 प्रतिशत, ₹9 से 12 लाख तक की आय पर 15 प्रतिशत, ₹12 से 15 लाख तक की आय पर 20 प्रतिशत और ₹15 लाख से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाया जाता है।


 

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पुरानी  टैक्स रिजीम 


पुरानी  टैक्स रिजीम में 87ए के तहत सिर्फ़ ₹5 लाख तक की इनकम पर टैक्स से छूट मिलती है। ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक की आय पर 5 फ़ीसदी, ₹5 से 10 लाख की आय पर 20 प्रतिशत और ₹10 लाख से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स देना (tax rules) होता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि न्यू टैक्स रिजीम और ओल्ड टैक्स रिजीम (New tax regime and old tax regime) में एक सबसे बड़ा अंतर ये है कि आपको ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत इनकम टैक्स फाइल करने पर 80C, 80D, 80TTA के तहत कई तरह की छूट मिलती है।

अगर आप इनकम टैक्स छूट (Tax Deduction benefit) का फायदा लेना चाहते हैं तो ओल्ड टैक्स रिजीम आपके लिए बेहतर रहेगा। 


इन दोनों टैक्स रिजीम में टैक्स जो एक जैसी बात है वो ये है कि इन दोंनो में टैक्सपेयर्स को 50,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन  (Standard Deduction benefit) का लाभ दिया जाता है। 

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न्यू टैक्स रिजीम में शामिल 


 आपने कई जगहों पर निवेश किया है और टैक्स छूट क्लेम (tax exemption claim) करना चाहते हैं तो आपको ओल्ड टैक्स रिजीम को सेलेक्ट करना चाहिए। अगर आप ओल्ड टैक्स रिजीम चुनाना चाह रहे हैं तो उसे तुरंत सेलेक्ट कर लें।क्योंकि इस बार न्यू टैक्स रिजीम ही डिफॉल्ट रिजीम है।इसका मतलब कि अगर आप इनकम टैक्स भरते समय कोई टैक्स रिजीम सेलेक्ट नहीं करते हैं तो आप ऑटोमेटिक रूप से न्यू टैक्स रिजीम में शामिल हो जाएंगे।