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Income tax department notice : इससे ज्यादा की पेमेंट करोगे तो तुरंत आएगा इनकम टैक्स का नोटिस, न करें इन 4 बातों कों नजरअंदाज

Income Tax Notice Kab Aata Hai : क्या आप लोग भी ज्यादातर डील को कैश से ही हैंडल करते हैं तो आज से ही हो जाए सावधान। क्योंकी ज्यादा डील कैश में (personal finance) करने से या फिर मोटा कैश साथ रखना आपके लिए खतरे से खाली नही है। आप पर इनकम टैक्स के कर्मचारीयों की नजर हो सकती है। कर रहें है सबको एक अलग ही तरीके से नोटिस।
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Income tax department notice : इससे ज्यादा की पेमेंट करोगे तो तुरंत आएगा इनकम टैक्स का नोटिस, न करें इन 4 बातों कों नजरअंदाज

HBN News Hindi (ब्यूरो) : आजकल हर कोई आदमी ऑनलाइन ही पेमेंट करता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे है जो की आज भी कैश टांजेक्शन करते है और उन्हें ऑनलाइन पेमेंट के (high value cash transaction) मुकाबले कैश देना ही सही समझते है। दरअसल आप भले ही कैश ट्रांजेक्शन करके टैक्स बचा सकते हैं, लेकिन इनकम टैक्स आपकी 4 कैश ट्रांजेक्शन पर  कड़ी नजर रखता है। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।

 

भेज सकता है इनकम टैक्स विभाग नोटिस 


अगर कैश में लेन-देन या ट्रांजैक्शन करने की आदत है तो आपको परेशान होना पड़ (personal finance news) सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि आपको इनकम टैक्स का नोटिस आ जाए। ऐसी स्थिति में उन पांच वैल्यू ट्रांजैक्शन के बारे में जान लीजिए, जिसकी वजह से आपको इनकम टैक्स विभाग नोटिस भेज सकता है। यहां तक कि आपको पूछताछ के लिए भी बुला सकता है।

 

रखें इन 4 बातों का ध्यान

10 लाख या उससे अधिक कैश जमा


CBDT के नियम के अनुसार अगर आप एक वित्त वर्ष में 10 लाख या उससे अधिक कैश बैंक में जमा (Income tax ki raid kb pdti h) करवाते हैं तो इसकी सूचना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देना जरूरी है। एक से ज्यादा बैंक खाते में 10 लाख रुपये से अधिक जमा करवाते हैं तो इनकम टैक्स का नोटिस आ सकता है।

एक या एक से ज्यादा एफडी 


एक ही फाइनेंशियल ईयर में अगर एक या एक से ज्यादा एफडी में 10 लाख कैश जमा करवाते हैं तो नोटिस आ सकता है। इसके लिए इनकम (Ek Baar me kitna cash jma krva skte h) टैक्स डिपार्टमेंट पैसे का जरिया बताने के लिए नोटिस जारी करता है। इसलिए एफडी में अधिकतर पैसे चेक से जमा करवाएं।

30 लाख या उससे अधिक कैश 


प्रॉपर्टी के लिए 30 लाख या उससे अधिक कैश ट्रांजैक्शन करने पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार को इसकी जानकारी (income tax notice) आयकर विभाग को देनी पड़ती है। ऐसे में आयकर विभाग पूछ सकता है कि आपके पैसे आने का सोर्स क्या है। अगर कैश देकर म्यूचुअल फंड, बॉन्ड या डिबेंचर खरीदते हैं तब भी आपसे सवाल पूछे जा सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने पर


अगर एक साल में कैश में एक लाख रुपये या उससे अधिक का क्रेडिट कार्ड बिल चुकाते हैं तो आयकर विभाग सवाल (Cash Transaction) कर सकता है कि पैसे कहां से आए। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड बिल में 10 लाख रुपये या उससे अधिक का भुगतान करते हैं तो भी आयकर विभाग आपसे सवाल कर सकता है कि इतना पैसा कहां से आया।