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Income Tax 2024 : सोना बेचने पर भी चुकना होगा टैक्स, जानें आयकर विभाग के नियम

Income Tax Gold Selling Rule: अगर आप भी अपने पैसों को गोल्ड में निवेश करना पसंद या दुसरे शब्दो में कहा जाए तो सोने के आभूषण,सिक्के या बिस्किट जैसी वस्तुओं को खरीदने के शौकिन हैं तो अब आपको अलर्ट होने की जरुरत होने पड़ने वाली है। क्योंकि अक्सर देखा जाता है कि सोना खरीदने से ज्यादा टैक्स सोने को बेचते समय भुगतान करना पड़ता है। इसलिए भारी मात्रा में गोल्ड में निवेश करने से पहले इन बातों के बारे में अवश्य जान लें।
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Income Tax 2024 : सोना बेचने पर भी चुकना होगा टैक्स, जानें आयकर विभाग के ये नियम

HBN News Hindi (ब्यूरो) : सोना हमेशा से लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है लोग हमेशा सोना (Income Tax on gold) इसीलिए खरीदते रहे है क्योंकि निवेश का सबसे सुरक्षित जरिया माना जाता है। इतना ही नहीं बल्कि कुद लोग तो अपने छोटी सी इनकम में से भी पैसे बचाकर गोल्ड में निवेश करना ज्यादा उचित समझते हैं ताकि भविष्य में काम आए। अगर आप भी गोल्ड में इसी प्रकार निवेश कर रहे हैं तो आपको बता दें कि गोल्ड में निवेश करने से पहले इन बातों के बारे में जानना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद (Income Tax 2024 rule) साबित हो सकता है।

 

 

ऐसे करना होता है सोने पर टैक्स का भुगतान


चाहें आप किसी ज्वेलर से फिजिकल सोना खरीदें या डिजिटल सोना या सरकारी स्कीम के अंतर्गत आने वाली सोने की स्कीम (पेपर गोल्ड) के अंतर्गत सोना खरीदें। इसे बेचने पर टैक्स देना पड़ता है। टैक्स कितना होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप खरीदे गए सोने को कितने समय बाद बेच रहे हैं। अलग-अलग तरह के गोल्ड (फिजिकल, डिजिटल या पेपर गोल्ड) पर अलग-अलग टैक्स देना होता है।

जानें कितने प्रतिशत पर लगता है टैक्स


अक्सर लोगों के दिमाग में बात आती है कि जितने रुपये का सोना बिकेगा, उतनी रकम पर टैक्स देना होगा। ऐसा नहीं है। सोने से आपको जो प्रॉफिट होगा, टैक्स उसी रकम पर लगता है। मान लीजिए, आपने 5 साल पहले 2 लाख रुपये का सोना खरीदा था। आज आपने उसे 4 लाख रुपये का बेच दिया। ऐसे में आपको 2 लाख रुपये का प्रॉफिट हुआ। इसलिए टैक्स सिर्फ प्रॉफिट वाले 2 लाख रुपये पर ही लगेगा, पूरे 4 लाख पर नहीं। इसके लिए आपको सोना खरीदने का बिल पेश (Present bill for purchase of gold) करना होता है।

इन गोल्ड पर लगता है ज्यादा टैक्स


फिजिकल और डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) पर दो तरह से टैक्स चुकाना पड़ता है। पहला शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स और दूसरा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स।

क्या है लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स 


 अगर आप सोने को खरीदने के 3 साल बाद बेचते हैं तो इस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (Long Term Capital Gains) लगता है। यह टैक्स 20 फीसदी की दर से चुकाना होता है। इसमें आपको 4 फीसदी सेस टैक्स भी देना होता है। यह 20 फीसदी का होता है। ऐसे में आपको कुल 20.80 फीसदी टैक्स चुकाना होगा।


क्या है शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स


अगर आप सोना खरीदने के 3 साल के भीतर बेच देते हैं तो आपको शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स (Short Term Capital Gains Tax) देना होता है। सोना बेचने पर जो भी मुनाफा होता है, उसे आपको कमाई में जोड़ दिया जाता है। फिर आपकी कमाई इनकम टैक्स के जिस स्लैब में आएगी, उसी के अनुसार आपको टैक्स चुकाना होगा।


पेपर गोल्ड पर भी आयकर विभाग के नियमों  होते हैं लागू

ऐसी कई स्कीम हैं, जिनमें सोने में निवेश किया जाता है। यहां सोना फिजिकल नहीं, बल्कि पेपर के रूप में खरीदना होता है। इसमें गोल्ड म्यूचुअल फंड, ETF, सॉवरेन बॉन्ड आदि शामिल हैं। इन्हें बेचने पर हुई कमाई भी कैपिटल गेन्स (Capital Gains news) के रूप में मानी जाती है। इन पर भी टैक्स फिजिकल और डिजिटल सोना बेचने जितना चुकाना होता है।