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Taxpayers की सुविधा के लिए विभाग ने शुरू किया नया सिस्टम, टैक्स प्रोसीडिंग को आसानी से कर सकेंगे ट्रैक

Income Tax Department : टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर की सुविधाओं में बढोतरी करते हुए नया सिस्टम लागू किया है। इसमें टैक्सपेयर्स को अपनी (News For Taxpayers) बची हुई टैक्स प्रोसीडिंग को देखने में मदद मिलेगी। जिससे कि टैक्सपेयर्स अपनी टैक्स प्रोसीडिंग को आसानी से ट्रैक कर सकता हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में इस खबर के माध्यम से।
 
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Taxpayers की सुविधा के लिए विभाग ने शुरू किया नया सिस्टम, टैक्स प्रोसीडिंग को आसानी से कर सकेंगे ट्रैक 

HBN News Hindi (ब्यूरो) : टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स के लिए ई-प्रोसीडिंग सेक्शन में एक और सुविधा को एड किया है। इसके तहत टैक्सपेयर को टैक्स डिपार्टमेंट (New Features For Taxpayers) की ओर से जारी होने वाले लेटर, नोटिस और इंटिमेशन को ट्रैक करने में काफी मदद मिलेगी। करदाता इस नए टैब पर क्लिक करते ही सारे नोटिस और पेडिंग टैक्स प्रोसेस को आसानी से देख पाएगा। 

 

 


विभाग करता है लगातार सूचनाएं जारी


इनकम टैक्स रिटर्न भरने का समय चल रहा है और इसके लिए देश का इनकम (Income tax notice) टैक्स डिपार्टमेंट लगातार सूचनाएं जारी करता रहता है।  आयकर विभाग ने कहा है कि उसने सालाना सूचना ब्योरा- एनुअल इन्फॉरमेशन स्टेटमेंट (एआईएस) में नई विशेषता जोड़ी है।  इसके जरिये टैक्सपेयर सूचना पुष्टि प्रक्रिया की स्थिति को देख सकेंगे।  केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड- सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने बयान में कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अब इनफॉरमेशन कन्फरमेंशन प्रॉसेस की स्थिति दिखाने के लिए एआईएस में एक नया सिस्टम शुरू किया है। 

ट्रांजेक्शन पर फीडबैक देने की सुविधा 


एआईएस कई सूचना स्रोतों से मिलने वाले वित्तीय आंकड़ों के आधार पर तैयार (इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की खबर) किया जाता है।  यह बड़ी संख्या में टैक्सपेयर के फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन की डिटेल्स दिलाता है जिनका टैक्स से जुड़ा असर हो सकता है।  टैक्सपेयर को एआईएस सिस्टम में दिखाए गए हर एक ट्रांजेक्शन पर फीडबैक देने की सुविधा दी गई है।  यह फीडबैक टैक्सपेयर को ऐसी जानकारी के स्रोत से प्राप्त सूचना के सटीक होने की स्थिति पर टिप्पणी करने में मदद करता है।  गलत रिपोर्टिंग के मामले में, उसे ऑटोमैटिक तरीके से पुष्टि के लिए स्रोत के पास ले जाया जाता है। 

करेक्शन स्टेटमेंट 


सीबीडीटी के बयान के मुताबिक, यह प्रदर्शित करेगा कि क्या टैक्सपेयर के फीडबैक पर सोर्स की (Taxpayers Ke liye nya Features Kya h) तरफ से आंशिक या पूर्ण रूप से स्वीकार या अस्वीकार करके कार्रवाई की गई है।  आंशिक या पूर्ण स्वीकृति के मामले में, स्रोत की तरफ से करेक्शन स्टेटमेंट दाखिल करके जानकारी को सही करना जरूरी है। 

बेहतर टैक्सपेयर सर्विसेज की दिशा में खास पहल


सीबीडीटी ने कहा, इस नए सिस्टम से टैक्सपेयर्स को एआईएस में ऐसी जानकारी प्रदर्शित करके ट्रांसपेरेंसी बढ़ने की उम्मीद है।  यह अनुपालन में सुगमता और बेहतर टैक्सपेयर सर्विसेज की दिशा में आयकर विभाग की एक और पहल है।