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unsold property : इन शहरों में नहीं हो रही फ्लैटों की बिक्री, फिर भी रेट आसमान पर

property prices :बीते साल देश के प्रमुख शहरों में फ्लैट का औसत आकार बढ़ा है। आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों में लग्जरी घरों की डिमांड में लगातार इजाफा हो रहा है, और इसी कारण फ्लैट की कीमतों में बढ़ोत्तरी होने लगी है। लेकिन बढ़ोतरी के बाद भी घरों की डिमांड कम नहीं हुई। आइए जानते हैं इस बारे में।

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unsold property : इन शहरों में नहीं हो रही फ्लैटों की बिक्री, फिर भी रेट आसमान पर 

HBN News Hindi (ब्यूरो) : प्रॉपर्टी और फ्लैट को लेकर अब एक चौंकाने(property prices) वाली रिपोर्ट सामने आई है। आपको बता दें कि कीमतों के बढ़ने से प्रॉपर्टी पर कोई खास असर(Property News) नहीं देखा गया है। खास बात तो ये है कि साल 2022 से रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद भी घरों की डिमांड कम नहीं हुई। आइए जानते हैं इनके रेट के बारे में।

 


कुछ ही घंटों में हो रही लाखों करोड़ों रुपयों की बुकिंग

होम लोन ईएमआई महंगा होने और कीमतों में तेजी आने से भी(property Updated prices) प्रॉपर्टी की बिक्री में ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है। अगर बीते कुछ महीनों की रिपोर्ट पर गौर करें तो लग्जरी घरों की डिमांड में लगातार इजाफा हो रहा है। जिसकी वजह से लाखों करोड़ों रुपयों के घरों की बुकिंग महज कुछ ही घंटों में हो जा रही है।

 

 

इन शहरों में लाखों फ्लैट खाली


देश के 7 बड़े शहरों में फ्लैट की सप्लाई बढ़ने से अनसोल्ड घरों की संख्या 2019 की तुलना में 24 फीसदी बढ़ गई है। बिल्डरों का कहना है कि इन घरों की बिक्री 22 महीने में पूरी कर ली जाएगी। रियल एस्टेट सलाहकार जेएलएल इंडिया ने गुरुवार को एक रिपोर्ट में कहा कि(property prices in india) अनसोल्ड घरों की संख्या मार्च, 2024 तक लगभग 4,68,000 यूनिट्स तक थी, जो दिसंबर 2019 की तुलना में 24 फीसदी ज्यादा है। इन शहरों में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता जैसे बड़े शहर शामिल हैं।

 

अनुमानित समय घटकर केवल इतना रह गया 


बनकर तैयार घरों की संख्या बढ़ने के बावजूद इनकी (unsold property)बिक्री के अनुमानित समय में उल्लेखनीय कमी आई है। जेएलएल ने कहा कि अनसोल्ड घरों को बेचने में लगने वाले समय में 31 फीसदी की महत्वपूर्ण कमी आई है। जनवरी-मार्च तिमाही में इन घरों की बिक्री का अनुमानित समय घटकर सिर्फ 22 महीने रह गया जबकि 2019 के अंत तक यह समय 32 महीने था। मुख्य रूप से आवास की मांग में तेज वृद्धि के कारण ऐसा हुआ है। 

 

 

अपार्टमेंट फ्लैट ही किए गए शामिल 


यह आकलन पिछली आठ तिमाहियों में दर्ज औसत बिक्री दर पर आधारित है। इन आंकड़ों (property Updated News)में सिर्फ अपार्टमेंट फ्लैट ही शामिल किए गए हैं। इसमें भूखंड पर बने घर, विला और भूखंड विकास को बाहर रखा गया है। मुंबई बाजार में मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, ठाणे शहर और नवी मुंबई शामिल हैं जबकि दिल्ली-एनसीआर में दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और सोहना से आंकड़ों को शामिल किया गया है।