HBN News Hindi

CIBIL Score : ड्यू डेट तक रिपेमेंट करने से खराब सिबिल अब एक झटकें में होगा ठीक जानें पूरी अपडेट

CIBIL Score Update: अगर आपका सिबिल भी किसी लोन के कारण खराब हो गया हैं या उस पर बुरा इफेक्ट पड़ रहा है तो आपको बता दें कि अब आप अपने सिबिल को कुछ ही समय में ठीक कर सकते हैं । आइए जानते हैं सिबिल को झट से ठीक करने का सही तरीका खबर के माध्यमसे तरीको के बारे में डिटेल से खबर में 
 
 | 
CIBIL Score : ड्यू डेट तक रिपेमेंट  करने से खराब सिबिल अब एक झटकें में होगा ठीक जानें पूरी अपडेट

HBN News Hindi (ब्यूरो) : अगर आप भी सिबिल स्कोर की अहमियत (Importance of CIBIL score) के बारे में नहीं जानते हैं तो आपको बता दें कि यह स्कोर बताता है कि आपने समय पर लोन की मरम्मत की है या नहीं। बैंकों के लिए यह स्कोर कापी अनिवार्य है, जो 300 से 900 तक की संख्या से बना है। रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंकों को लोन देने से पहले सिबिल कंफर्मेशन (CIBIL Confirmation) चाहिए। यह लोन की संभावना कम करता है।

Cheapest Electric Scooter : बेहद सस्ते रेट पर मिल रहा OLA का यह इलेक्ट्रिक स्कूटर, बाकी कंपनियों के छूटे पसीने

 

इससे किया जाता है एलिजिबिलिटी का निर्धारण 


जब आप लोन के लिए आवेदन करते हैं, बैंक क्रेडिट स्कोर (Credit Score) के आधार पर ही लोन की एलिजिबिलिटी का निर्धारण करता है। क्रेडिट स्कोर को सिबिल स्कोर भी कहा जाता है और यह आपके फाइनेंशियल मैनेजमेंट की मजबूती को दर्शाता है।

 

Chanakya Neeti : ऐसी महिला से रिश्ता नहीं आता रास, नरक बन जाती है जिंदगी, ऐसे करें पहचान

इतना होना चाहिए सिबिल स्कोर


यह स्कोर बताता है कि आपने लोन की रिपेयरमेंट (loan repair)को समय पर किया है या नहीं। बैंकों के लिए यह स्कोर कापी जरूरी होता है और इसमें तीन अंकों की संख्या होती है, जिसका रेंज 300 से 900 तक होता है। रिजर्व बैंक के अनुसार, बैंकों को लोन देने से पहले सिबिल कंफर्मेशन की आवश्यकता होती है। यह लोन डिफॉल्ट की संभावना को कम करता है।

Devar bhabhi affair : देवर को भाभी से हुआ प्यार, रात के अंधेरे में हो गए फरार


 
ऐसे करें भुगतान


सिबिल स्कोर (CIBIL Score) को मजबूत बनाने के लिए समय पर भुगतान करना जरूरी है। किसी भी तरह के बिल या पेमेंट को समय पर करना अनिवार्य होता है। अगर आपका पेमेंट देर से होता है या फिर आप डिफॉल्ट करते हैं, तो यह सीधा तौर पर आपके सिबिल स्कोर पर असर डालता है। डिफॉल्ट का मतलब होता है कि आप लिए गए ऋण या बिलों के लिए जिम्मेदारी से नहीं निभा रहे हैं। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय यदि आप बिल की नियमित अवधि से पहले सारी राशि का भुगतान (Payment of amount) करते हैं, तो यह आपके सिबिल स्कोर को मजबूत करता है। अगर क्रेडिट कार्ड पर बिल की नियमित अवधि से पहले भुगतान (payment before regular period) नहीं होता है, तो इससे आपका सिबिल स्कोर प्रभावित हो सकता है।


 

Delhi Weather Forecast : दिल्ली में लू के बिना बीतेगा अप्रैल का महीना, चलेंगीं तेज हवाएं नहीं आएगा पसीना!


ऐसे सुलझाएं सिबिल स्कोर की समस्या


वित्तीय एक्सपर्ट्स यह सलाह देते हैं कि क्रेडिट कार्ड को बार-बार बदलना उचित नहीं होता है। जब तक आपको किसी दूसरे कार्ड से बेहतर ऑफर नहीं मिलता, आपको क्रेडिट कार्ड को बदलने की आवश्यकता नहीं होती। अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में किसी प्रकार की गड़बड़ी नजर आती है, तो तुरंत उसे सही करवाना चाहिए। हालांकि, सिबिल स्कोर में सुधार (CIBIL score improvement) करने के लिए सही प्रूफ की आवश्यकता होती है। अगर क्रेडिट हिस्ट्री से संबंधित किसी भी विवाद का सामना किया जाता है, तो पहले बैंक के साथ मिलकर इसे सुलझा लेना चाहिए। ऐसा नहीं करने से आपका नया सिबिल स्कोर कम रह सकता है।

 Weather Forecast : यूपी में गर्मी का कहर, इस दिन बारिश से मिल सकती है राहत, मौसम विभाग का अलर्ट जारी


 
इस लिए किया सिक्यॉर्ड कार्ड का उपयोग 


अगर आपका सिबिल स्कोर कम है, तो क्रेडिट कार्ड के बजाय सिक्यॉर्ड कार्ड (Secured card instead of credit card) का उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है। यह कार्ड आपके फिक्स्ड डिपॉजिट या अन्य डिपॉजिट के बदले जारी किया जाता है। इसमें कई लाभ होते हैं। अगर आप ड्यू डेट तक रिपेमेंट नहीं कर पाते हैं, तो बैंक आपके डिपॉजिट से फंड जारी कर देता है, जिससे आपके सिबिल स्कोर पर बुरा असर नहीं होता है।