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Bank update News : उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले! जानें क्या कहा है RBI ने

Bank News : नए वित्तीय वर्ष (financial year)के दौरान आरबीआई ने काफी चीजों में बदलाव किया है ताकि उपभोक्तओं (consumers)को परेशानी का सामना भी न करना पड़े। साथ ही बीते नियमों के दौरान जो भी दिक्कतें आ रही थी उनको दूर किया जा सकें। 

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Bank update News : उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले! जानें क्या कहा है RBI ने

HBN News Hindi (ब्यूरो) : आरबीआई (RBI)ने कुछ मानकों में हेर-फेर किया है लेकिन नए नियमों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए भी कदम उठाए गए है। वैसे तो काफी विषयों में उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचेगा लेकिन हम बताते हैं कि खासतौर पर किन चीजों में उपभोक्ताओं को नए नियमों से बदलाव होगा। तो आइये देर किस बात की। 

 


यह है खुदरा एवं सूक्षम लघु एवं मध्यम उद्यम 


बैंकों (banks)और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) को एक अक्तूबर से खुदरा एवं सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME bank loan process) कर्ज लेने वाले ग्राहकों को ब्याज व अन्य लागत समेत ऋण समझौते के बारे में पूरी जानकारी (KFS) देनी होगी। इसमें मौजूदा ग्राहकों को दिए गए नए कर्ज भी शामिल हैं। आरबीआई (RBI)  का यह निर्देश उसके नियमन के दायरे में आने वाले सभी इकाइयों (RE) की ओर से दिए जाने वाले खुदरा व एमएसएमई टर्म लोन (MSME Term Loan) पर लागू होगा।

 

पारदर्शिता व सूचना की कमी को दूर करने के लिए उठाया कदम


 बैंक ने कहा  कि कर्ज के लिए केएफएस पर निर्देशों (bank KFS Guidelines) को सुसंगत बनाने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला आरबीआई (Reserve Bank of India) के दायरे में आने वाले वित्तीय संस्थानों के उत्पादों को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने और सूचना की कमी को दूर करने के लिए किया गया है। इससे कर्ज लेने वाले भी सोच-समझकर वित्तीय निर्णय (New bank Guidelines) कर सकेंगे। केएफएस सरल भाषा में कर्ज समझौते के मुख्य तथ्यों का विवरण है। यह कर्ज लेने वालों को मानकीकृत प्रारूप में दिया जाता है।

बिना जानकारी कोई  शुल्क नहीं


आरबीआई (RBI) ने कहा, वित्तीय संस्थान दिशा-निर्देशों को जल्द-से-जल्द लागू करने के लिए जरूरी उपाय करेंगे। एक अक्तूबर के बाद स्वीकृत सभी खुदरा और एमएसएमई टर्म लोन (MSME Term Loan Application) के मामले में बिना किसी अपवाद के निर्देशों का अक्षरश: पालन किया जाएगा।