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Bank Lockers News : बैक लॉकर रखने वाले जरा संभल जाइये अन्यथा

Bank News update : इंसान अपने कीमतों सामानों को सेफ (safe)रखने के लिए क्या नहीं करता है। तरह-तरह के विकल्प के माध्यम से वह अपने सामान को सेफ करना चाहता है। इसी उद्देश्य से अपने जेवर, गहने रखने के लिए इंसान बैंक लॉकर (bank locker) की सुविधा लेता है। ताकि उसकी हर चीज सेफ रहे। लेकिन इसके भी कुछ कायदे कानून है, जिन्हें जानना जरूरी है। 

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Bank Lockers News : बैक लॉकर रखने वाले जरा संभल जाइये अन्यथा 

HBN News Hindi (ब्यूरो) : अपने कीमतों सामान जैसे आभूषण, जेवर व अन्य सोने व चांदी को सुरक्षित (Safe)रखने के लिए इंसान लॉकर की सुविधा लेता है। लेकिन जानकारी के अभाव में ऐसी लारवाही बरती जाती है कि बाद में इंसान (human being)को नुकसान झेलना पड़ सकता है। तो आइये हम आपको बताने जा रहे हैं कि बैंक लॉकर रखने वाले लोगों को किन बातों का ख्याल रखना चाहिए। 

भारत में है 60 लाख बैंक लॉकर


भारत में फिलहाल केवल 60 लाख बैंक लॉकर हैं. लॉकर सर्विसेस (Locker Services)मुहैया करवानेवाली कंपनी, Aurm की रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक पहुंचते-पहुंचते पूरे देश में छह करोड़ लोग ऐसे होंगे जिन्हें लॉकर की सुविधा चाहिए हो सकती है। लॉकरों की संख्या और लोगों की बढ़ती जरूरत के बीच इस रिपोर्ट के मुताबिक अभी काफी अंतर है। यदि आप भी अपने गहनों, दस्तावेजों (documents)या अन्य कीमती सामानों को लॉकर में रखने की सोच रही हैं या रखती हैं तो आपको कुछ जरूरी बातें पता होनी चाहिए ताकि किसी तरह के नुकसान में न रहें आप । 

1- लॉकर में रखे पैसे और सामान की सुरक्षा


वैसे तो बैंक लॉकरों की सुरक्षा के लिए सेफ्टी के उपाय करते ही हैं मगर यह न भूलें कि आपने अपना सामान किसी तीसरे को दिया है और इसलिए वह इसके लिए जिम्मेदार हो तो भी खतरा पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता. भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (State Bank of India, Canara Bank, Punjab National Bank)जैसे राष्ट्रीयकृत बैंक और साथ ही एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक सहित निजी बैंक सुरक्षित जमा लॉकर सुविधाएं देते हैं. यदि आप किसी अन्य वित्तीय संस्थान या प्राइवेट लॉकर सेवा के तहत लॉकर फैसिलिटी लेते हैं तब भी आपको इसके जोखिमों का पता होना चाहिए।


बैंक लॉकर के किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी नहीं लेते हैं. भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार, लॉकर रेंटर अग्रीमेंट (locker renter agreement)के मुताबिक बैंकों को प्राकृतिक आपदाओं, आपकी ओर से किसी भी लापरवाही और अन्य अचानक पैदा हुई परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी से मुक्त रखा गया है।


2- बैंक लॉकर का किराया, कंपेयर करें


आप जिस भी बैंक या वित्तीय संस्थान (financial institution)से लॉकर फैसिलिटी ले रहे हों आपको पहले तो इनके किराए का शुल्क कंपेयर कर लेना चाहिए. बैंक लॉकर किराये का शुल्क 1,000 रुपये से 10,000 रुपये प्रति वर्ष तक होता है. कुछ बैंक तयशुदा वार्षिक सीमा से अधिक विजिट पर अतिरिक्त शुल्क लेते हैं. जब भी लॉकर फैसिलिटी के लिए बैंक फिक्स करें, अपना अंतिम चुनाव करने से पहले इस तरह की संभावित लागतों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें।

3- लॉकर फैसिलिटी जितना करीब हो, उतना बेहतर


लॉकर (locker)लेते समय ध्यान दें कि वह घर के जितना पास हो उतना ही बेहतर है. महत्वपूर्ण दस्तावेज और गहने कहीं दूर तो पास में एक बैंक चुनें. बार बार लॉकर से सामान निकालना और रखना पड़ता हो तो बेहतर है कि लॉकर पास में हो. ताकि, लॉकर से घर तक सामान लाते-ले जाते समय आपको इसकी चोरी या लूट का खतरा न रहे।

4- लॉकर के जुर्माना, टाइमिंग संबंधी नियम


आपने यदि चाबी खो दी है, चाबी खो जाने के बाद लॉकर तोड़ने की कोशिश करते हैं तो इस पर आर्थिक दंड (financial penalty)भुगतना पड़ सकता है. इसलिए चाबी को ध्यान से रखें. यह जरूरी है कि आप लॉकर इस्तेमाल करने के नियमों के बारे में पता करके रखें. बैंक की जिस ब्रांच में आपका लॉकर है, उसके क्या टाइमिंग हैं, आमतौर पर ये टाइमिंग सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक होते हैं और शनिवार को इनकी सीमित सेवाएं होती हैं. लेकिन इसमें बदलाव संभव है।