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Delhi के युवाओं की बल्ले-बल्ले, पैसों और रोजगार के मामले में इन राज्यों से निकले आगे

Unemployment Rate in India: भारत जैसे देश में जहां रोजगार के अनेक साधन हैं, लेकिन फिर भी बेरोजगारों की संख्या बढ़ी है।आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसके मुताबिक इस साल जनवरी से मार्च की तिमाही मे  बेरोजगारों कि संख्या बढ़ गई है। अगर राज्यों के अनुसार देखें तो इस समय दिल्ली में बेरोजगारी की दर सबसे कम रही। आइए जानते हैं इस बारे में। 

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Delhi के युवाओं की बल्ले-बल्ले, पैसों और रोजगार के मामले में इन राज्यों से निकले आगे

HBN News Hindi (ब्यूरो ) : आपको बता दें कि इस समय रोजगार देने वाले राज्यों  में दिल्ली सबसे आगे है। अपडेट सूचना के मुताबिक देखा जाए तो इस साल की पहली तिमाही में अन्य राज्यों में बेरोजगारी की दर बढ़ी है। इस बीच दिल्ली एक(Unemployment Government Data) रोजगार देने वाला राज्य बनकर उभरा है। आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी के मामले में केरल टॉप पर है। आइए जानते हैं कि रोजगार के मामले में और कौन-कौन से राज्य पीछे हैं।

 


पहली तिमाही में बढ़ी बेरोजगारी


बेरोजगारी जैसे संवेदनशील विषय पर केंद्र सरकार ने एक रिपोर्ट(Unemployment Data) जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जनवरी से मार्च की तिमाही मे ओवरऑल बेरोजगारी की दर बढ़ गई है। राज्यवार देखें तो इस दौरान दिल्ली में बेरोजगारी की दर सबसे कम रही। बेरोजगारी के मामले में केरल पहले नंबर पर रहा।

इन पर किया गया था सर्वे

यह सर्वे 15 से 29 साल की उम्र के बीच के व्यक्ति पर (बेरोजगारी लेटेस्ट डाटा)किया गया था। पिरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (Periodic Labour Force Survey (PLFS) नाम की इस रिपोर्ट को केंद्र सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय Ministry of Statistics and Programme Implementation (MOSPI)ने जारी किया है। इसमें 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है।

 

बेरोजगारी दर की टॉप 5 पोजिशन में हैं ये राज्य

केंद्र सरकार के इस सर्वे के मुताबिक बेरोजगारी दर की टॉप 5 पोजिशन में (बेरोजगारी की दर क्या है)केरल के अलावा जम्मू और कश्मीर, तेलंगाना, राजस्थान और ओडिशा हैं। इस टॉप 5 सूची में बिहार जैसे राज्य का नाम गायब है, जबकि आप देश के किसी भी हिस्से में चले जाएं, वहां आपको बिहार का मजदूर दिख जाएगा। आप कन्याकुमारी जाइए या कश्मीर और लेह-लद्दाख, बिहारी मजदूर आपको सड़क बनाने से लेकर चना-मुरमुरे बेचते मिल जाएगा।


इस आयु वर्ग वाले ज्यादा बेरोजगार
इस रिपोर्ट की मानें तो आलोच्य अवधि के दौरान (Unemployment ke rate)कुल मिला कर बेरोजगारी बढ़ी है। 15 से 29 साल की उम्र के बीच बेरोजगारी दर जनवरी-मार्च में 17 पर्सेंट थी। ये पिछली तिमाही के 16.5 पर्सेंट से ज्यादा है। हालांकि 2023 में जनवरी-मार्च के बीच बेरोजगारी दर थोड़ी ज्यादा 17.3 रेकॉर्ड की गई थी। सभी समूहों के लिए बेरोजगारी की दर 6.7 फीसदी थी जो कि पिछली तिमाही के 6.5 के मुकबाले ज्यादा है।

 


इन राज्यों में बेरोजगारी की दर कम

केंद्र सरकार की इस रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली, गुजरात और हरियाणा में बेरोजगारी की दर सिंगल डिजिट में रही। आलोच्य अवधि के(बेरोजगारी की दर क्या है) दौरान दिल्ली में 3.1 फीसदी, गुजरात में 9 और हरियाणा में 9.5 फीसदी बेरोजगारी दर दर्ज की गई। बेरोजगारी की दर कर्नाटक में 11.5 और मध्यप्रदेश में 12.1 फीसदी रही।


कोरोना के बाद पड़ा यह असर

कोरोना महामारी के बाद 15 से 29 साल की उम्र वालों के बीच बेरोजगारी की दर लगातार शीर्ष पर बनी हुई है, फिर भी इसमें कुछ सुधार हुआ है। इसकी वजह पॉलिसीमेकर्स द्वारा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर देना माना जा रहा है।


इन राज्यों में महिलाओं के पास नहीं रोजगार
यह आंकड़ा राज्यों में महिलाओं के बीच बेरोजगारी की दर को भी दिखाता है। इसके मुताबिक (बेरोजगारी की दर)आलोच्य अवधि के दौरान जम्मू और कश्मीर में 48.6 फीसदी, केरल में 46.6 फीसदी, उत्तराखंड में 39.4 फीसदी, तेलंगाना में 38.4 फीसदी और हिमाचल प्रदेश में 35.9 फीसदी महिलाएं बेरोजगारी की शिकार थीं। इस साल की पहली तिमाही में महिला(Unemployment Rate in India) बेरोजगारी दर 22.7 पर्सेंट रही, जो पिछली तिमाही के 22.9 फीसदी के मुकाबले 0.2 फीसदी ज्यादा है।

 


बेरोजगार मानने का मानक

PLFS बेरोजगारी, लेबर फोर्स की भागीदारी और लेबर पॉपुलेशन रेश्यो पर नजर रखता है। सर्वे में बेरोजगार उन्हें माना गया है जो पूरे सप्ताह काम मांगते रहे लेकिन उन्हें एक घंटे के भी लिए भी काम नहीं मिला।