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RBI Action Update : आरबीआई हुआ बजाज फाइनेंस पर मेहरबान, इस पाबंदी को हटाया

Bajaj Finance News : RBI ने बजाज फाइनेंस कपंनी पर लगी पाबंदी हो (RBI On Bajaj Finance)हटा दिया है। आरबीआई ने ई-कॉम व इंस्टा ईमआई कार्ड पर पाबंदी लगाई थी, जिससे बजाज फाइनेंस कंपनी सहित उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन काफी समय के अंतराल के बाद आरबीआई ने बजाज फाइनेंस पर लगी पाबंदी को हटा लिया है। 

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RBI Action Update : आरबीआई हुआ बजाज फाइनेंस पर मेहरबान, इस पाबंदी को हटाया

HBN News Hindi (ब्यूरो) : आरबीआई ने बजाज फाइनेंस के प्रति कड़े रूख को नरम कर लिया है। किन्हीं कारणों के चलते आरबीआई ने बजाज फाइनेंस (RBI)कंपनी की ई-कॉम व इंस्टा ईमआई कार्ड पर रोक लगा दी थी। लेकिन काफी समय बाद आरबीआई ने बजाज फाइनेंस पर लगी पाबंदी हटाने का फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक 15 नवंबर 2023 को भारतीय रिजर्व बैंक ने बजाज फाइनेंस के दो लेंडिंग प्रोडक्ट्स ईकॉम और इंस्टा ईएमआई कार्ड के तहत लोन की मंजूरी देने और डिस्पर्समेंट पर रोक लगाने का आदेश दिया था । 

आरबीआई ने दी थी जानकारी


बजाज फाइनेंस ने रेग्यूलेटरी फाइलिंग में स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि, हम ये सूचित करना चाहते हैं कि (bajaj Finance)कंपनी द्वारा उठाये गए कदमों के बाद आरबीआई ने  2 मई 2024 को ये जानकारी दी है eCOM और ऑनलाइन डिजिटल Insta EMI Card पर लगी बंदिशों को तत्काल रूप से वापस ले लिया गया है. बजाज फाइनेंस ने बताया कि कंपनी अब दोनों ही सेगमेंट में लोन की मंजूरी देने के साथ उसे जारी कर सकेगी साथ ही ईएमआई कार्ड्स (EMI cards) भी जारी किया जा सकेगा । 

बजाज फाइनेंस को लगा था तगड़ा झटका


पिछले साल 15 नवंबर 2023 को देश की सबसे बड़ी एनबीएफसी (Insta EMI Cards)बजाज फाइनेंस को तगड़ा झटका लगा था जब भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने बजाज फाइनेंस लिमिटेड (Bajaj Finance Ltd) से दो लेंडिंग प्रोडक्ट्स ईकॉम (eCOM) और इंस्टा ईएमआई कार्ड (Insta EMI Card) के तहत लोन की मंजूरी देने और डिस्पर्समेंट पर रोक लगाने का आदेश दिया था । 

इन नियमों का हो रहा था उल्लंघन 


भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने आदेश में कहा था कि आरबीआई की डिजिटल लेंडिंग गाइडलाइंस (Digital lending guidelines) का पालन नहीं करने के चलते ये रोक लगाई गई है. आरबीआई ने अपने स्टेटमेंट में कहा, ये कार्रवाई इसलिए जरुरी हो गई क्योंकि कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक के डिजिटल लोन के दिशानिर्देशों के मौजूदा प्रावधानों का पालन नहीं कर रही थी । 

खासतौर से इन दो लोन प्रोडक्ट्स के तहत कर्ज लेने वालों को महत्वपूर्ण फैक्ट स्टेटमेंट (Key Fact Statements) जारी ना करने और दूसरे डिजिटल लोन की मंजूरी देने में मुख्य फैक्ट स्टेटमेंट्स में कमियों के कारण यह कार्रवाई जरुरी हो गई थी. आरबीआई ने तब कहा था कि इन कमियों को सही किए जाने के बाद सुपरवाइजरी बंदिशों की समीक्षा की जाएगी और आरबीआई अपनी संतुष्टि के बाद फैसले को रिव्यू करेगा ।