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Notes with Netaji Picture : भारत में इन नोटों पर छपती थी नेताजी की तस्वीर, जानें किन देशों ने किया था स्वीकार

Note of Netaji Picture: क्या आप जानते हैं कि कभी भारत में नोटों पर नेताजी की तस्वीर भी छपती थी। हालांकि वर्तमान में भारतीय करेंसी पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरें छपी होती हैं लेकिन आजादी से पहले भारतीय करेंसी पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भी तस्वीर छपती थी। कई देशों ने इसे स्वीकृति भी प्रदान की थी। आइये जानते हैं इस पूरी खबर के बारे में विस्तार से।
 
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Notes with Netaji Picture : भारत में इन नोटों पर छपती थी नेताजी की तस्वीर, जानें किन देशों ने किया था स्वीकार

HBN News Hindi (ब्यूरो) : जैसा कि आप जानते ही हैं कि नेताजी ने देश को आजाद कराने के लिए जो जंग शुरू की थी, उसके लिए उन्हें काफी समर्थन भी मिला। आपको बता दें कि नेताजी का आजाद हिंद नाम का (Netaji subhash chandra bose) एक बैंक भी था।बता दें कि नेताजी की तस्वीर वाली करेंसी आजाद हिंद बैंक की ओर से जारी की गई थी। लेकिन इस नोट को सरकारी मान्यता हासिल नहीं हुई। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

 

पहले नहीं थी किसी की तस्वीर 


आजाद भारत में जब पहली बार रुपया छपा तो उस पर किसी की तस्वीर नहीं थी। आजादी के बाद शुरुआत में तो यही माना जा रहा था कि भारतीय करेंसी पर ब्रिटेन के राजा की जगह अब नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर लगेगी। इसके लिए डिजाइन भी तैयार कर लिए गए थे। लेकिन आखिर में सहमति इस बात पर बनी कि महात्मा गांधी की तस्वीर के बजाय करेंसी नोट पर अशोक स्तंभ या अशोक की लाट को छापा जाना चाहिए। 

 

उस समय 100 रुपये के नोट पर होती थी नेताजी की फोटो


आजादी के 22 साल बाद महात्मा गांधी का चित्र भारतीय नोटों यानी कागज पर मुद्रित भारतीय करेंसी पर आया। वो भी केवल एक रुपये के नोट पर। भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट के मुताबिक भारत सरकार ने पहली बार 1949 में एक रुपये (azad hind bank)के नोट का नया डिजाइन तैयार किया। लेकिन आजादी से पहले देश के एक तेज-तर्रार स्वतंत्रता सेनानी का चेहरा भारतीय नोटों पर हुआ करता था। उस समय नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर (सुभाष चंद्र बोस का जीवन) 100 रुपये के नोट पर हुआ करती थी। 

 

नेताजी की फोटो वाले नोट को सरकारी मान्यता नहीं थी


ये पढ़कर आपके दिमाग में सबसे पहले यही आया होगा कि क्या सही में कभी नेताजी की तस्वीर वाला नोट छपा था? हां, ये बात सही है कि आजादी से पहले भारतीय करेंसी पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर छपती थी। लेकिन यह करेंसी आजाद हिंद बैंक की ओर से जारी की गई थी। ये नोट भारतीय करेंसी के इतिहास में एक अलग स्थान रखता है। इसकी वजह है इस पर छपी तस्वीर। इस (indian government)नोट में दाईं तरफ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर है। सबसे ऊपर लिखा है आजाद हिंद बैंक। बीच में लिखा है जय हिंद। नीचे लिखा है सुभाष चंद्र बोस। अगर ऐसा कोई नोट छपा भी था तो उसे किसी तरह की सरकारी मान्यता नहीं थी, क्योंकि भारत सरकार ने ये नोट नहीं छपवाया था। लेकिन जिन देशों ने आजाद हिंद सरकार का समर्थन किया था, उन्होंने इस (indian currency)करेंसी को मान्यता दी थी।


1944 में हुई थी आजाद हिंद बैंक की स्थापना 


मालूम हो कि 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंडमान निकोबार में अर्जी हुकूमत-ए-आजाद हिंद नाम से आजाद भारत की पहली अंतरिम सरकार बनाई थी। सरकार के संचालन के लिए तब के बर्मा (म्यांमार) की राजधानी रंगून में 1944 में आजाद हिंद बैंक की स्थापना की गई थी। बैंक ने 10, 100, 1000 रुपये जैसे कई मूल्य के नोट छापे थे। इन नोटों पर नेताजी के साथ-साथ महात्मा गांधी और आजाद हिंद फौज की महिला रेजीमेंट की कैप्टन रहीं लक्ष्मी सहगल की भी तस्वीर थी। लेकिन इसका भारत की आधिकारिक करेंसी से कोई लेना-देना नहीं था। 

 


कब नोट पर आए महात्मा गांधी 


महात्मा गांधी पहली बार 1969 में नोट पर नजर आए। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 1969 में एक रुपये का नोट महात्मा गांधी की फोटो के साथ जारी किया। ये काम आरबीआई ने महात्मा गांधी की 100वीं वर्षगांठ के (Breaking news updates)उपलक्ष्य पर किया था। इसमें महात्मा गांधी को बैठे हुए दिखाया गया था और पृष्ठभूमि में सेवाग्राम आश्रम था।महात्मा गांधी का जो फोटो भारतीय करेंसी पर अंकित होता है, वो कोई कैरिकेचर नहीं है, बल्कि एक मूल चित्र से लिया गया कटआउट है। ये तस्वीर 1946 में राष्ट्रपति भवन (तब वाइसराय हाउस) के बाहर की है। उनके साथ इस चित्र में ब्रिटिश नेता लार्ड फ्रेडरिक विलियम पैटिक लारेंस थे।