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Indian Railways : अब हर किसी को मिलेगी कंफर्म टिकट और सीट, रेल यात्रियों के लिए आया बड़ा अपडेट

Railway News : अब तक रेलवे विभाग व मंत्रालय की व्यवस्था के अनुसार रेल यात्रियों को टिकट व सीट के लिए मारामारी का सामना करना पड़ता था। लेकिन नई व्यवस्था के अनुसार सबको कंफर्म टिकट मिलेगी। रेलवे इसे लेकर मंथन कर रहा है। जल्द ही इस सुविधा का लाभ यात्रियों को मिल सकेगा। आइये जानते हैं इससे जुड़ी पूरी डिटेल।

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Indian Railways : ट्रेन में अब हर किसी को मिलेगी टिकट और सीट, रेल यात्रियों के लिए आया बड़ा अपडेट

HBN News Hindi (ब्यूरो) : यह तो आप जानते ही हैं कि आज करोड़ों लोग रेलवे में सफर करते हैं। (Indian Railways news)ऐसे में सबको कन्फर्म टिकट मिलना नामुमकिन सा काम लगता है, जिसकी वजह से हर रोज़ इतने सारे यात्री सफर नहीं कर पाते। इससे रेलवे को भी काफी नुकसान होता है।  रेलवे इसको लेकर काफी सारे प्लान बना रहा है।  भारतीय रेलवे से सफर करने वाले हर रेल यात्री को 2027 तक कन्फर्म टिकट मिलने लगेगा क्योंकि रेलवे की बड़ी विस्तार योजनाओं में हर दिन नई ट्रेनें जोड़ी जाएंगी। 

 

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यह की जा रही व्यवस्था

 

रेलवे इस समस्या को हल करने के लिए बड़ी योजना बना रहा है। इसके बारे में पूछे जाने पर बताया गया कि हर साल नए ट्रैक बिछाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 4,000-5,000 किलोमीटर track network बिछाया जाएगा। फिलहाल 10,748 ट्रेनें हर दिन चल रही हैं, इसे बढ़ाकर 13,000 ट्रेनें प्रतिदिन करने का लक्ष्य है।

 

यह बताया सूत्रों ने 


सूत्रों ने बताया कि अगले 3-4 वर्षों में 3000 नई ट्रेनें ट्रैक पर उतारने की योजना है। हर साल करीब 800 करोड़ यात्री ट्रेन से यात्रा करते हैं, योजना यात्री क्षमता (passenger capacity)को 1,000 करोड़ तक बढ़ाने की है। रेलवे यात्रा में लगने वाले समय को कम करने के लिए भी काम कर रहा है, जिसमें ज्यादा पटरियां बिछाना, स्पीड बढ़ाना शामिल है।

 

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एक्सीलरेशन और डिस्लेरेशन को बढ़ाना जरूरी 


रिपोर्ट के मुताबिक, स्पीड बढ़ाने के लिए एक्सीलरेशन और डिस्लेरेशन (acceleration and deceleration)को बढ़ाना जरूरी है ताकि ट्रेन को रुकने और गति प्राप्त करने में कम समय लगे। रेलवे के एक अध्ययन के अनुसार, अगर एक्सीलरेशन और डिस्लेरेशन बढ़ा दिया जाए तो दिल्ली से कोलकाता की यात्रा में दो घंटे बीस मिनट बचाए जा सकते हैं।

 

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हर वर्ष करीब 225 ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा 


वहीं, पुश और पुल तकनीक (push and pull technique) एक्सीलरेशन और डिस्लेरेशन (acceleration and deceleration)को बढ़ाने में मदद करेगी। वर्तमान में हर वर्ष करीब 225 ऐसी ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है जिनमें पुश पुल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। वंदे भारत जैसे प्रमुख ट्रेन की एक्सीलरेशन और डिस्लेरेशन क्षमता वर्तमान ट्रेनों की तुलना में चार गुना ज्यादा है।