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Income tax update : इनकम टैक्स के नोटिस से घबराने की नहीं जरूरत, ये काम करोगे तो नहीं आएगी कोई दिक्कत

Income tax News : पैसों (money)का लेन-देन हो या अन्य कारण । किसी भी कारणवश यदि आपके घर इनकम टैक्स का नोटिस आ गया है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। हम आपको ऐसे टिप्स (tips)बताने जा रहे हैं, जिसका इस्तेमाल कर हम इनकम टैक्स के नोटिस का संतोषजनक जवाब दे सकते हैं। 

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Income tax update : इनकम टैक्स के नोटिस से घबराने की नहीं जरूरत, ये काम करोगे तो नहीं आएगी कोई दिक्कत

HBN News Hindi (ब्यूरो) : जिंदगी (Life)को सुख-शांति व वैभवपूर्ण जीने के लिए पैसों की अहमियत अन्य चीजों से कहीं ज्यादा है। कहा जाता है कि पैसा (Money)सब कुछ नहीं लेकिन पैसे बिना भी कुछ नहीं। यह कहावत बिल्कुल स्टीक है। क्योंकि जिंदगी को आरामदायक (comfortable)से जीना है तो जेब में पैसों का होना जरूरी है। लेकिन अपने शौक को पूरा करने के चक्कर में कई बार हम ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे कि हमें इनकम टैक्स (Income Tax)की रडार में आने में देर नहीं लगती। आइये कुछ बातें हम आपसे शेयर कर रहे हैं, जिनकी जानकारी हमें होनी चाहिए। 

लिमिट से ज्यादा पैसा निकाल लेते हैं हम 


इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department)के नोटिस से बचने के लिए लोग तरह-तरह के जतन करते हैं। फिर भी उनसे जाने-अनजाने में ऐसी बहुत सी गलतियां हो ही जाती हैं कि उनके पास इनकम टैक्स नोटिस आ जाता है। दरअसल, कई बार लोग अपने सेविंग अकाउंट से लिमिट से ज्यादा पैसों का लेनदेन (money transaction)करने की गलती कर बैठते हैं। इस गलती की वजह से उनके घर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस (income tax department notice) आ जाता है। कई बार तो बैंक वाले अकाउंट ही ब्लॉक कर देते हैं। अगर आप इस समस्या से खुद को बचाना चाहते हैं तो आपको नियम के बारे में जान लेना चाहिए।

इस कंडिशन में आता है इनकम टैक्स का नोटिस 


यदि आपके अकाउंट से 10 लाख रुपए से अधिक की ट्रांजैक्शन (transaction)होती हैं और अगर इसकी जानकारी आप आईटीआर में आयकर विभाग (Income Tax Department) को नहीं देते हैं। तो आपके घर नोटिस आ सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं क्रेडिट कार्ड का बिल 1 लाख से अधिक आने पर भी नोटिस आने की संभावना रहती है। अगर आप उसका रीपेमेंट कैश (cash repayment rules) के माध्यम से करते हैं। अगर आप घर खरीदते वक्त 30 लाख से अधिक का अमाउंट कैश में जमा करते हैं तब भी डिपार्टमेंट आपके पास उस पैसा का सोर्स पूछने के लिए नोटिस भेज देता है।

इस स्थिति में कैसे कर सकते हैं अपना बचाव


क्या आप जानते हैं कि (Income Tax) दो तरीके से आपको नोटिस (income tax notice) भेज सकता है। एक तरीका ऑफलाइन और दूसरा ऑनलाइन होता है। एक बार नोटिस मिलने के बाद आपको किसी सीए या खुद से वेरीफाई करना होता है कि क्या वह नोटिस सही है। अगर उसमें कोई ऐसी जानकारी होती है, जिसका प्रुफ ना देने की वजह से आपके ऊपर पेनाल्टी लगाई गई है तो आप एक बार फिर से आईटीआर फाइल (ITR File) कर पूरी डिटेल डिपार्टमेंट को बता सकते हैं। इससे आपके ऊपर लगाई गई पेनाल्टी डिपार्टमेंट वापस ले लेता है।

इतना रख सकते हैं पैसा


बहुत से लोगों को लगता है कि वे अपने बैंक अकाउंट (bank account)में चाहे जितनी रकम जमा कर सकते हैं। लेकिन, ऐसा नहीं है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) का नियम कहता है कि अगर कोई शख्स एक फाइनेंशियल ईयर में 10 लाख रुपये या इससे अधिक नकदी जमा करता है, तो इसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देनी है। हालांकि, बैंक ब्रांच में जाकर नकद पैसा जमा करने और नकद पैसा निकालने की सीमा निर्धारित (Cash withdrawal limit) होती है, लेकिन चेक के माध्यम से या ऑनलाइन माध्यम से आप 1 रुपए से लेकर हजार, लाख, करोड़, अरब या कितने भी रुपए सेविंग अकाउंट में जमा कर सकते हैं और बैलेंस के रूप में बरकरार भी रख सकते हैं।

टैक्स कानून के (tax law) तहत बैंक को करंट फाइनेंशियल ईयर (financial year)के दौरान उन अकाउंट्स की जानकारी देनी होती है। यह लिमिट टैक्सपेयर्स के एक या एक से अधिक खातों (चालू खातों के अतिरिक्त व टाइम डिपॉजिट) में फाइनेंशियल ईयर में दस लाख रुपये या उससे अधिक कैश जमा के लिए समग्र रूप से देखी जाती है। हालाँकि, आम तौर पर सेविंग अकाउंट (saving account deposit rules) में जमा की कोई तय सीमा नहीं होती है। लकिन कई बार बैंक खाते के आधार पर लिमिट घटा या बढ़ा देते हैं। जब भी आपके बचत खाते में नकद जमा सीमा 50,000 रुपये से अधिक हो तो आपको अपना पैन कार्ड डिटेल बैंक को देना होता है। बता दें कि यह नियम आपके बचत खाते से जुड़े शेयरों, म्यूचुअल फंड, डिबेंचर, एफडी, क्रेडिट कार्ड खर्च, अचल संपत्ति में लेनदेन, विदेशी मुद्रा की खरीद आदि में निवेश के प्रयोजनों के लिए नकद जमा और निकासी से संबंधित लेनदेन पर भी लागू होता है।

आपके ट्रांजैक्शन पर इतनी होती है लिमिट


आज के समय में लोग गूगल पे, Paytm और PhonePe जैसे पेमेंट्स ऐप (Payments App)का बहुत ही ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। इनके लिए यह लिमिट तय की गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (National Payments Corporation of India) के मुताबिक, एक व्यक्ति 24 घंटे में ​1 लाख रुपए से अधिक UPI ट्रांसफर नहीं कर सकता है। अगर आप इससे अधिक पैसा अपने सेविंग अकाउंट से ट्रांसफर करना चाहते हैं तो आपको अपने बैंक के ऐप में मौजूद NEFT, RTGS जैसी सर्विस का इस्तेमाल करना होगा। 

बैंक इसके लिए अपने हिसाब से चार्ज भी करते हैं। बता दें कि NEFT सर्विस की मदद से आप 1 रुपए से जितना चाहें पैसा ट्रांसफर (transfer)कर सकते हैं। अधिकतम कोई सीमा नहीं है। इसके लिए बैंक 24 घंटे तक का समय लेते हैं। कई बार यह जल्दी भी हो जाता है। RTGS की बात करें तो आप इस सर्विस के जरिए कम से कम 2 लाख रुपए और अधिकतम जितना आप चाहें पैसा ट्रांसफर (money transfer rules) कर सकते हैं। यह ट्रांसफर तुरंत होता है।