HBN News Hindi

Income Tax News : किन से चकरा गया इनकम टैक्स अधिकारियों का सिर, बचने के लिए लगाया नया पेंतरा

Income Tax update : इनकम टैक्स (Income Tax)का नाम लेते ही हर किसी के कान खड़े हो जाते हैं। यहां तक की इनके सवालों के आगे हर किसी के गले तक सूख जाते हैं। लेकिन अब ऐसी परिस्थिति बन चुकी है कि इनकम टैक्स के अधिकारियों के सिर चकराने लगे हैं। यहीं नहीं, इससे बचने के लिए इनकम टैक्स ने एक ऐसा नया पेंतरा निकाला है कि जिससे उन्हें उम्मीद है कि वे न केवल इस समस्या से निजात पा लेंगे अपितु भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो इसके लिए उन्हें सचेत भी करेंगे। 
 | 
Income Tax News : किन से चकरा गया इनकम टैक्स अधिकारियों का सिर, बचने के लिए लगाया नया पेंतरा

HBN News (ब्यूरो) : इनकम टैक्स (Income Tax)का नाम सुनते ही हर किसी के पैरो तले जमीन खिसक जाती है। चाहे वो किसी भी वर्ग से संबंध रखता हो। लेकिन इनकम टैक्स के अधिकारियों के इन दिनों सिर चकराए हुए है। चकराने वाले कोई दूसरे नहीं अपितु करदाता (taxpayer)है। करदाता इन दिनों इनकम टैक्स के लिए सिरदर्द बने हुए है। जैसे ही मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो उन्होंने सिरदर्द से बचने के लिए नया पेंतरा निकाला है। आईये इस मामले को विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं। 

Stock Market ने छुआ ऑल टाइम हाई का आंकड़ा, शानदार ओपनिंग से निवेशकों के पास कमाई का जबरदस्त मौका!

आंकड़ों के फेर में फंसे अधिकारी


आयकर विभाग (Income Tax Department) की ओर से कुछ टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। दरअसल इस मामले पर विभाग ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए वेतनभोगी कर्मचारियों (salaried employees) के द्वारा भुगतान किये गये किराये और प्राप्तकर्ता को मिली राशि के बीच काफी अंतर पाया गया  है। विभाग ने एचआरए के उच्च मूल्य वाले मामलों में आंकड़ों का विश्लेषण किया है। 

Aaj ka rashifal, 9 अप्रैल : आज नवरात्र के पहले दिन इन राशि वालों की होगी मौज और इन्हें करना पड़ सकता है परेशानियों का सामना

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इन बातों का खंडन


लेकिन, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT news) ने उन रिपोर्ट्स का खंडन किया है कि विभाग आवास किराया भत्ता (HRA) के मामलों को फिर से खोलने के लिए एक स्पेशल कैंपेन (campaign)चला रहा है। किरायेदार के भुगतान किये गये किराये और प्राप्तकर्ता को मिले किराये का सत्यापन  भी किया (HRA claim) गया था, ऐसे मामलों की संख्या अभी बहुत कम है।

TVS की ये धांसू बाइक दे रही 110 की माइलेज, इतने से हैं इसके दाम

आंकड़ों को दुरुस्त करने में जुटे अधिकारी


सीबीडीटी (Central Board of Direct Taxes) ने अपने बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए कर्मचारी द्वारा भुगतान किये गये किराये और प्राप्तकर्ता को मिली राशि के बीच विसंगतियों वाले कुछ उच्च मूल्य के मामलों में आंकड़ों का विश्लेषण (data analysis)किया गया था। यह सत्यापन काफी कम मामलों में किया गया था और बड़ी संख्या में मामलों को दोबारा नहीं खोला गया है।

करदाताओं के आंकड़े विभाग से नहीं रहे थे मेच


भारत के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes) ने कहा कि ई-वेरिफिकेशन (e-verification)का उद्देश्य दूसरों को प्रभावित किये बिना केवल वित्त वर्ष 2020-21 के लिए जानकारी में विसंगतियों (anomalies)से जुड़े मामलों के बारे में सचेत करना था। भारत के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कहा कि करदाता की तरफ से दायर किये गये रिटर्न और आयकर विभाग के पास उपलब्ध जानकारी के बीच अंतर होने के कुछ मामले विभाग के नोटिस में आये हैं। यह कुछ और नहीं बल्कि आंकड़ों के सत्यापन के लिए नियमित तौर पर उठाये जाने वाले कदमों का हिस्सा है। ऐसे मामलों में, विभाग ने करदाताओं को सचेत किया है ताकि वे सुधारात्मक कदम उठा सकें।

यह भी महत्वपूर्ण जानकारी


जानकारी के लिए बता दें कि आवास किराया भत्ता (house rent allowance) वेतन आय या सीटीसी (CTC) का हिस्सा होता है। इसकी गणना कर योग्य आय में की जाती है। हालांकि, अगर कोई कर्मचारी किराये के आवास में रहता है, तो वह वैध किराए की रसीद जमा करके वर्ष के दौरान प्राप्त एचआरए के लिए आयकर छूट (income tax exemption) का दावा कर सकता है। हालांकि, अगर करदाता नई कर व्यवस्था का विकल्प चुनते हैं, तो उन्हें कोई छूट नहीं मिलती है।