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ILO Report News : इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन ने बेरोजगारी पर की रिपोर्ट पेश, भारत बोला : आपके आंकड़े बिलकुल गलत

Unemployment in India : बेरोजगारी विषय पर इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन की जारी (ILO)रिपोर्ट ने सभी को हैरत में डाल दिया है। लेकिन भारत ने तत्काल ही जारी (Unemployment)इस रिपोर्ट पर ओब्जेक्शन उठाया है और साफ दो टुक में कहा है कि जो भी आंकड़े पेश किए गए है वे बिलकुल गलत पेश किए है। 

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ILO Report News : इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन ने बेरोजगारी पर की रिपोर्ट पेश, भारत बोला : आपके आंकड़े बिलकुल गलत

HBN News Hindi (ब्यूरो) : इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन ने बेरोजगारी (unemployment)विषय पर ऐसी रिपोर्ट पेश की है, जिसमें उन्होंने भारत में बेरोजगारों की कुल संख्या (jobs in india)में सर्वाधिक 83 फीसद युवाओं को बेरोजगार बताया है। इस आंकड़ों को लेकर भारत ने साफ तौर पर ओब्जेक्शन लगाया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन ने जो भी रिपोर्ट (ilo report on india jobs)पेश की वे सभी आंकड़े गलत है। जो उन्होंने बेरोजगारी विषय पर पेश की है। आइये जानते हैं इस मामले को लेकर क्या अहम जानकारियां पेश की है। 

आईएलओ के साथ दो बार हुई बैठक


ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने औपचारिक (international labour organisation)तरीके से रिपोर्ट पर अपनी आपत्ति जताई है। इसके लिए (Unemployment in India)श्रम एवं रोजगार सचिव सुनीता द्वारा ने आईएलओ के वरिष्ठ अधिकारियों (india youth Unemployment)को बुलाकर हालिया रिपोर्ट पर सरकार की नाराजगी से अवगत कराया। पिछले महीने जारी की गई रिपोर्ट के बाद सरकार आईएलओ के अधिकारियों के साथ दो दौर की बैठक कर चुकी है।

रिपोर्ट में किया गया है ये दावा
इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन ने पिछले महीने इंडिया एम्पलॉयमेंट (ILO Report)रिपोर्ट 2024 जारी की थी, जिसे इंस्टीट्यूट फोर ह्युमन डेवलपमेंट के साथ मिलकर तैयार किया गया है। उस रिपोर्ट में (ILO India Report)दावा किया था कि भारत में बेरोजगार कार्यबल में 83 फीसदी हिस्सा युवाओं का है। रिपोर्ट की मानें तो भारत में हर 100 बेरोजगार लोगों में 83 युवा हैं। सरकार इस बात से सहमत नहीं है।

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बेरोजगारी पर सरकारी आंकड़ा


सरकार की मानें तो 2019 में युवाओं (15 से 29 साल की उम्र के लोगों) में बेरोजगारी की दर 7 फीसदी पर (बेरोजगारी)थी, जो कम होकर 2022 में सिर्फ 5 फीसदी रह गई। वही व्यस्कों (30 साल से 59 साल के लोगों) के मामले में बेरोजगारी (भारत में बेरोजगारी)की दर 2019 में भी 1 फीसदी थी और 2022 में भी यह दर 1 फीसदी पर स्थिर रही।

सरकार इन्हें नहीं मानती बेरोजगार


श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का कहना है कि भारत के युवाओं (भारत में युवाओं की बेरोजगारी)में 35 हिस्सा विद्यार्थियों का है। वहीं 22 फीसदी भारतीय युवा घरेलू कामों में लगे हुए हैं। सरकार के अनुसार, उन युवाओं को बेरोजगार की (भारत में युवाओं की बेरोजगारी पर रिपोर्ट)श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है। युवाओं का एक बड़ा हिस्सा आंशिक रोजगार में जुटा हुआ है। उन्हें भी बेरोजगार नहीं कहा जा सकता है।

आईएलओ के आंकड़ों पर आपत्तियां


सरकार का पक्ष है कि आईएलओ की रिपोर्ट को तैयार (आईएलओ की रिपोर्ट)करते हुए इस तरह के कई फैक्टर पर गौर नहीं किया गया है। उदाहरण के लिए- रिपोर्ट में इंटरनेशनल मोबिलिटी यानी अन्य देशों में काम करने जा रहे लोगों और गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यानी साल के कुछ महीने औपचारिक रोजगार करने वाले लोगों के डेटा को भी रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है। इस तरह आईएलओ के रिपोर्ट में आंकड़ों को लेकर गंभीर गड़बड़ियां (आईएलओ)की गई हैं और उन्हें गलत तरीके से प्रजेंट किया गया है।