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Demand Draft है कितना सुरक्षित, फंड ट्रांसफर करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

Demand Draft News : आपने कभी बैंक से डिमांड ड्राफ्ट करवाया हो या करवाने जा रहे हों तो जान लें कि यह सुरक्षित (How safe is Demand Draft?)है या नहीं। आज के समय में डिमांड ड्राफ्ट यानी डीडी फंड ट्रांसफर करने का एक माध्यम है। अनेक लोग इस माध्यम को प्राथमिकता के साथ चुनते भी हैं। आइये जानते हैं इसके सुरक्षित होने व जोखिम प्रभाव से जुड़ी कुछ जरूरी बातें इस खबर में।

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Demand Draft है कितना सुरक्षित, फंड ट्रांसफर करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

HBN News Hindi (ब्यूरो) : लंबे समय से डिमांड ड्राफ्ट (DD) एक व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला वित्तीय साधन है जो सुरक्षित और सुविधाजनक फंड ट्रांसफर की सुविधा देता है। डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) एक खाताधारक की तरफ से बैंकों द्वारा जारी किया जाने वाला एक निगोसिएबल इंस्ट्रूमेंट (negotiable instrument)है। डीडी भुगतान के वादे के रूप में कार्य करता है। डिमांड ड्राफ्ट फंड ट्रांसफर करने का एक सुरक्षित तरीका प्रदान करता है।

 

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बैंक में डीडी शब्द इस वित्तीय दस्तावेज़ (financial documents) को संदर्भित करता है जो भुगतानकर्ता की गारंटी देता है। इसे यू समझें कि डिमांड ड्राफ्ट एक प्रीपेड डिवाइस है, यानी भुगतानकर्ता द्वारा इसका भुगतान पहले ही किया जा चुका है और इसे किसी थर्ड पार्टी को ट्रांसफर किया जा सकता है, जिससे वित्तीय लेनदेन में लचीलापन (Flexibility in Transactions) सुनिश्चित होता है।

 


नहीं रहता धोखाधड़ी का जोखिम


बैंक खाताधारकों की तरफ से डिमांड ड्राफ्ट (Demand draft from account holders)जारी करते हैं, जो भुगतानकर्ता के लिए गारंटी के रूप में कार्य करते हैं कि निर्दिष्ट राशि का भुगतान किया जाएगा। यह फंड ट्रांसफर का एक विश्वसनीय तरीका है। साथ ही डीडी फंड ट्रांसफर का एक सुरक्षित साधन उपलब्ध करते हैं, जिससे लेनदेन के दौरान धोखाधड़ी या अनऑथोराइज्ड एक्सेस का जोखिम कम हो जाता है।

 

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भरना होता है एप्लीकेशन फॉर्म 


Demand draft transfer : डिमांड ड्राफ्ट प्रक्रिया (Demand Draft Process)शुरू करने के लिए, खाताधारक को एक एप्लीकेशन फॉर्म भरना होता है, जिसमें प्राप्तकर्ता का नाम, राशि और जरूरी दस्तावेज जैसे डिटेल देने होते हैं। एक बार एप्लीकेशन प्रोसेस हो जाने पर, खाताधारक नकद या अपने खाते से डेबिट के जरिये भुगतान करता है।

इसके बाद बैंक विशिष्ट पहचान विवरण के साथ डिमांड ड्राफ्ट जारी करता है। खाताधारक वित्तीय साधन का सुरक्षित ट्रांसफर (secure transfer) सुनिश्चित करते हुए, भुगतानकर्ता को डिमांड ड्राफ्ट ट्रांसफर कर सकता है। डिमांड ड्राफ्ट आमतौर पर तीन महीने तक के लिए वैलिड होता है। प्राप्तकर्ता को समय सीमा के भीतर डीडी को भुनाना या जमा करना जरूरी है, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

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इन नियमों में किया बदलाव 


भारतीय रिजर्व बैंक (reserve Bank of India) ने डीडी भुनाने के संबंध में नियमों में बदलाव किया है। अब आप सीधे डीडी भुना नहीं सकते। पहले आपको इसे अपने बैंक में जमा करना होगा। सही तरीके से प्रोसेस होने पर, राशि आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। आप इसे बाद में वापस ले सकते हैं। अगर जारीकर्ता बैंक वही है जहां आपका खाता है, तो निकासी काफी जल्दी हो जाती है। ऐसे मामले में, आप कुछ ही मिनटों में चेक या सेल्फ विड्रॉल फॉर्म (Check or Self Withdrawal Form)का इस्तेमाल कर राशि निकाल सकते हैं।