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Gold Buying Tips : दो तरीके से खरीद सकते हैं सोना, जानिये कौन से मेथड में है फायदा

Gold Marketing : आमतौर पर लोग सोने की फिजिकल खरीददारी करते हैं यानी दुकान पर जाकर सोना खरीदते हैं। इसे कागजी औपचारिकताएं पूरी करके खरीददारी भी कहा जा सकता है। लेकिन आपको बता दें कि सोने की ऑनलाइन खरीददारी भी की जा सकती है। इनमें से कौन सा मेथड सही रहेगा, आइये जानते हैं इस खबर में विस्तार से। 

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Gold Buying Tips : दो तरीके से खरीद सकते हैं सोना, जानिये कौन से मेथड में है फायदा

HBN News Hindi (ब्यूरो) : यह तो आप जानते ही हैं कि भारत में सोना खरीदना काफी मायने रखता है। (ways to buy gold in india)हालांकि ज्यादातर लोग जूलरी के तौर पर भारत में सोना ज्यादा खरीदते हैं। सोने को परंपरागत रूप से अपने महत्वपूर्ण वित्तीय लक्ष्यों के लिए बचत के तरीके (Saving Ways for Financial Goals) के रूप में सोना खरीदते हैं। लेकिन आप चाहें तो सोने को कई तरह से खरीदा जा सकता है। सोने की खरीद का हर माध्यम आपको रिटर्न जरूर देता है। फिलहाल सोना खरीदने के दो तरीके हैं- कागजी और भौतिक। इन दोनों तरीकों के भीतर, पीली धातु यानी सोना खरीदने के अलग-अलग तरीके हैं। आइए, हम यहां ऐसे ही तरीकों को समझते हैं।

 

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सोने के आभूषणों की भौतिक खरीददारी

 

आप आभूषण या जूलरी के रूप में सोना (gold in the form of jewelery)खरीद सकते हैं। लेकिन इसे रखने पर सुरक्षा, उच्च लागत और पुराने डिजाइन जैसी चिंताएं भी साथ होती हैं। जूलरी में मेकिंग चार्ज भी हैं जो सोने के आभूषणों की कीमत को बढ़ा देते हैं। आप जिस प्रकार के सोने के आभूषण खरीद रहे हैं, उसके आधार पर मेकिंग चार्ज अलग-अलग होता है। अगर सोने की जूलरी पर डिजाइन जटिल है, तो मेकिंग चार्ज आपको ज्यादा चुकाना होगा।

 

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सोने के सिक्के ऐसे खरीद सकते हैं

 

सोने के सिक्के भी आप खरीद सकते हैं। इसे आप ज्वेलर्स, बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और ऑनलाइन पोर्टल (Online portal) के जरिये भी खरीद सकते हैं। सोने के सिक्के और छड़ें 24 कैरेट प्योरिटी और 999 प्योरिटी के हैं। सभी सिक्कों और छड़ों को बीआईएस स्टैंडर्ड (BIS Standard)के मुताबिक हॉलमार्क किया गया होता है। बाजार में 0.5 ग्राम से लेकर 50 ग्राम वजन तक के सोने के सिक्के उपलब्ध हैं।

 

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स्वर्ण बचत योजनाओं में निवेश

 

आज के समय में कई ज्वेलर्स ने सोने की बचत योजनाएं शुरू की हैं। सोना या आभूषण बचत योजनाएं (Gold or Jewelery Savings Schemes)आपको चुनी गई अवधि के लिए हर महीने एक निश्चित राशि जमा करने की अनुमति देती हैं। जब अवधि खत्म हो जाती है, तो आप बोनस राशि सहित कुल जमा धन के बराबर मूल्य पर सोना (उसी जौहरी से) खरीद सकते हैं। ज्यादातर मामलों में, ज्वेलर्स कार्यकाल के आखिर में नकद प्रोत्साहन के रूप में एक महीने की किस्त जोड़ता है या गिफ्ट आइटम भी दे सकता है।

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डॉक्यूमेंट पर सोने की खरीद करना यानी गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (गोल्ड ईटीएफ)

कागजी सोने को ज्यादा लागत प्रभावी तरीके से रखने का एक वैकल्पिक तरीका गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (Gold Exchange-Traded Fund) है। ऐसे निवेश (खरीद और बिक्री) स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई या बीएसई) पर होते हैं, जिसमें अंडरलाइन एसेट सोना होता है। गोल्ड ईटीएफ के मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता का एक और फायदा है। जिस कीमत पर इसे खरीदा जाता है वह संभवतः सोने की वास्तविक कीमत के सबसे करीब है और इसलिए बेंचमार्क भौतिक सोने की कीमत है।

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ट्रेडिंग खाता और एक डीमैट खाता होना जरूरी

Gold ETF में निवेश करने के लिए, आपके पास स्टॉकब्रोकर के पास एक ट्रेडिंग खाता और एक डीमैट खाता (Trading Account and a Demat Account)होना चाहिए। कोई व्यक्ति या तो एकमुश्त राशि खरीद सकता है या व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) के माध्यम से नियमित अंतराल पर भी खरीद सकता है। आप 1 ग्राम सोना भी खरीद सकते हैं।

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) स्कीम

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं । सरकार निवेशकों के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) की नई बिक्री के लिए रुक-रुक कर एक विंडो खोलती है। यह साल में लगभग दो बार होता है और सदस्यता अवधि लगभग एक सप्ताह तक खुली रहती है। जो निवेशक बीच में कभी भी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदना चाहते हैं, उनके लिए एकमात्र रास्ता पहले के इश्यू (बाजार मूल्य पर) खरीदना है जो सेकेंडरी मार्केट में सूचीबद्ध हैं।

डिजिटल सोना ऐसे खरीदें

आज के समय में तो आप चाहें तो डिजिटल गोल्ड भी खरीद सकते हैं। कई पेमेंट ऐप (payment app)का इस्तेमाल कर ऐसा किया जा सकता है। पेटीएम, फोनपे और गूगलपै जैसे पेमेंट ऐप ने सोना बेचने के लिए MMTC - PAMP (सार्वजनिक क्षेत्र MMTC और स्विट्जरलैंड के PAMP SA के बीच एक संयुक्त उद्यम) या सेफगोल्ड के साथ समझौता किया है।