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Flats Buy News : अपार्टमेंट की इस मंजिल पर आशियाना रहेगा सबसे किफायती, इस मामले में भी रहोगे बचत में।

Flats Buy Option : शहरों में अपनी जमीन लेकर घर बनाकर रहना बहुत महंगा है। हर व्यक्ति इसको अफार्ड नहीं कर सकता है । इसलिए शहरों में इसके लिए फलैटस बनाऐ जाते हैं। ताकि जो लोग अपना घर नहीं खरीद सकते हैं। उनके लिए फलैटस उनके मुकाबले एक सस्ता विकल्प है । फलैटस लेने से पहले किस बात का ध्यान रखना चाहिए जानें इस खबर में ।
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अपार्टमेंट की इस मंजिल पर आशियाना रहेगा सबसे किफायती, इस मामले में भी रहोगे बचत में।

 HBN News Hindi (ब्यूरो) : शहरों में फलैटस का चलन बहुत ज्यादा बढ़ गया है। खासकर बड़े शहरों में तो बहुत ज्यादा देखने को मिलता है । रहने के लिए ग्राउंड फ्लोर(Flats Option) सही होगा या ऊपर का फ्लोर ये आपकी जरूरत के हिसाब से साथ हीं किराये के हिसाब से आप इसका चुनाव कर सकते हैं। 


भारत के ज्यादातर शहरों में बड़ी इमारतें बन रही हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए जगह बनाई जा सके। इसलिए भारत में रियल एस्टेट डिवेलपर्स अपार्टमेंट पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। इसका मकसद हर आय वर्ग के घर खरीदारों तक बड़ी पहुंच बनाना है। अगर आप भी हाई राइज रिहायशी इमारत में घर खरीदने का बना रहे हैं तो हम आपकी मुश्किल आसान कर देते हैं। किसी भी अपार्टमेंट(Apartment Price ) में फ्लैट खरीदने से पहले हर चीज को देखें और फिर इस नतीजे पर पहुंचे कि आपकी लाइफ स्टाइल (Apartment Price range )के लिए कौन का फ्लोर बेस्ट है। 


ग्राउंड फ्लोर या ऊपर का फ्लोर अलग-अलग फायदे


अगर अपार्टमेंट के बाहर की लोकेशन बहुत ही शानदार है तो आपको ऊपर का फ्लोर लेना सही रहेगा। वहीं ग्राउंड फ्लोर (ground floor advantage and disadvantage)पर रहने वाले अक्सर चूहों के आने व लगातार बाहरी शोर से परेशान हो सकते हैं क्योंकि वे पार्किंग लोट के पास में होते हैं। इसके अलावा धूप की कमी एक और बड़ी कमी हो सकती है। 


रेंटल रिटर्न्स में मिल सकता है फायदा 


 रेंटल रिटर्न्स (flats रेंटल रिटर्न्स   ) के हिसाब से लेकिन नीचे के फ्लोर की डिमांड ज्यादा होती है। अगर आपका फ्लोर नीचे है तो आपको बेहतर रेंटल रिटर्न्स मिल सकते हैं। इसका मतलब है आप अपना घर किराए पर देकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं, क्योंकि अकसर भारतीय लोग जमीन के पास रहना पसंद करते हैं।


फ्लैट खरीदते समय ध्यान रखें उस जगह का मौसम


 फ्लैट खरीदते समय उस जगह का वेदर कैसा होता है इस बात का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए। अगर उस शहर में वायु प्रदुषण ज्यादा है तो नीचे का फ्लोर ठीक रहता है। मुंबई और बेंगलुरु में लोग ऊपर की मंजिलों पर घर लेना पसंद करते हैं, जबकि दिल्ली/एनसीआर और चेन्नई में ग्राउंड फ्लोर पर। इन शहरों में जलवायु अलग होना भी पसंद अलग अलग होने की वजह है।


किस फ्लोर पर आपको रहना चाहिए


 भीड़भाड़ वाले इलाकों में नीचे फ्लोर पर रहने से आपको उतनी प्राइवेसी (Privacy Maintain) नहीं मिल पाएगी। अगर आप अकेले और बार बार डिस्टर्ब नहीं होना चाहते तो हाई फ्लोर पर घर लेना आपके लिए सही है।
आप जितने ऊंचे फ्लोर पर घर लेते हैं, ऊर्जा की खपत उतनी ही ज्यादा होती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि गर्मियों के दिनों में आपको एयर कंडीशनर काफी वक्त तक चलाना पड़ता है। इसके अलावा पानी पहुंचाने के लिए मोटर पंप में भी ज्यादा ऊर्जा लगती है।


 अगर बच्चों के अलावा आपके पैरंट्स भी साथ रहते हैं तो ग्राउंड फ्लोर पर घर लेना ही आपके लिए बेस्ट होगा। सेफ्टी के अलावा यह सुविधाजनक भी है। साथ ही अगर परिवार में कोई चलने फिरने में असमर्थ हो या उसे ऊंचाई से डर लगता हो तब भी ग्राउंड फ्लोर पर घर लेने में समझदारी है।