HBN News Hindi

Finance Ministry News : बैंकिंग धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए सभी बैंकों को मिले ये सख्त निर्देश

Finance Ministry update : बैंकों (banks)में अगर कोई काम है तो पहले अधिकारी आपकी पूरी डिटेल खंगाले उसके बाद ही आपके काम को पूरा किया जाएगा। यह आदेश वित्त मंत्रालय की ओर से सभी बैंकों को दे दिए गए है। आइये जानते और बैंक अधिकारियों को क्या-क्या आदेश मिले हैं।

 | 
Finance Ministry News : बैंकिंग धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए सभी बैंकों को मिले ये सख्त निर्देश 

HBN News Hindi (ब्यूरो) : आजकल शायद ही कोई ऐसा आदमी होगा, जो बैंक से जुड़ा न हो। क्योंकि आजकल हर काम बैंक से कनेक्ट (connect to bank)है। जैसे जैसे बैंकों में काम बढ़ता जा रहा है। वैसे-वैसे धोखाधड़ी के मामले में भी बढ़ते जा रहे हें। इसी के चलते वित मंत्रालय ने सभी बैंकों को ये आदेश दिए है कि वे बैंक में आने वाले लोगों की कुंडली खंगाले, उसके बाद परखने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही आगामी कार्रवाई करें। थोड़ा सा शक होने पर मामले की पूरी तहकीकात करें। आइये जानते हैं वित्त मंत्रालय ने आगे क्या कहा।  

अपने ग्राहक को जानो और जांच परख को बढ़ाएं


कोरोना महामारी के बाद बैंकिंग धोखाधड़ी (banking fraud)के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसके शिकार छोटे-छोटे गांव के लोग भी हो रहे हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने बैंकों को सख्त निर्देश दिया है। वित्त मंत्रालय ने बीओबी वर्ल्ड ऐप घोटाले और इसी तरह के अन्य वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों पर रोक लगाने के लिए बैंक तथा वित्तीय संस्थान ‘अपने ग्राहक को जानो’ (केवाईसी) प्रक्रिया और जांच-परख को बढ़ाने के लिए काम करने का निर्देश दिया है। 


सूत्रों ने कहा कि ग्रामीण (Rural)और दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग सेवाएं देने वाले दुकानदारों (मर्चेंट) तथा बैंकिंग प्रतिनिधि को जोड़ने से पहले बैंकों और वित्तीय संस्थानों को इनकी गहन जांच-परख करनी चाहिए। सूत्रों ने कहा कि इस तरह के कदम से न केवल धोखाधड़ी पर अंकुश लग सकेगा बल्कि वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत किया जा सकेगा।

डेटा की सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत

सूत्रों ने कहा कि दुकानदारों और बैंकिंग प्रतिनिधि के स्तर पर आंकड़ों (डेटा) की सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत है, क्योंकि इनके स्तर पर डेटा में सेंध लगने की आशंका अधिक होती है। ऐसे में सूत्रों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (reserve Bank of India) (आरबीआई) को बैंकों और वित्तीय संस्थानों को साइबर धोखाधड़ी के ‘हॉटस्पॉट’ पर बैंकिंग प्रतिनिधियों को जोड़ने से पहले उनकी पूरी जांच-परख करनी चाहिए। इसके अलावा धोखाधड़ी में इस्तेमाल सूक्ष्म एटीएम को भी ब्लॉक किया जाना चाहिए। 

अंतर-मंत्रालयी बैठक आयोजित की गई

सूत्रों ने बताया कि साइबर सुरक्षा को बढ़ाने और वित्तीय धोखाधड़ी (financial fraud)को रोकने को लेकर हाल में एक अंतर-मंत्रालयी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में यह सुझाव दिया गया। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, 2023 के दौरान वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के 11,28,265 मामले सामने आए। इन मामलों में कुल 7,488.63 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। 

डिजिटा स्थापित करने पर विचार 


साइबर अपराध से व्यापक और समन्वित तरीके से निपटने के तंत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार (Central government)ने गृह मंत्रालय के माध्यम से देश में‘भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र’ की स्थापना की है। बढ़ती साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के अपने प्रयासों के तहत रिजर्व बैंक अवैध ऋण देने वाले ऐप की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए एक डिजिटल इंडिया ट्रस्ट एजेंसी (डिजिटा) स्थापित करने पर विचार कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित एजेंसी डिजिटल ऋण देने वाले ऐप के सत्यापन में मदद करेगी और सत्यापित ऐप का एक सार्वजनिक रजिस्टर बनाएगी।