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Extramarital Relation : दूसरे की बीवी को झांसा देना और बहलाना पड़ेगा महंगा, इतने साल की होगी सजा

Law For Extramarital Relation : शादीशुदा महिला को झांसा देकर उसके पति से दूर ले जाना या बंधक बनाकर रखना कानून की नजर में अपराध है। ऐसा करने वाले को सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा। बता दें कि कानूनी रूप से ऐसा करना गलत ही नहीं बल्कि दंडनीय अपराध है। आइये इस खबर के जरिये जानते हैं इस बारे में क्या है कानून में प्रावधान।

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Extramarital Relation : दूसरे की बीवी को झांसा देना और बहलाना पड़ेगा महंगा, इतने साल की होगी सजा

HBN News Hindi (ब्यूरो) : महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में सरकार कई कदम उठा रही है। इसके लिए कानून में भी समय-समय पर बदलाव किए जा रहे हैं। अब लंबे समय से चले आ रहे तीन कानूनों को नया रूप दिया है। अब किसी शादीशुदा महिला को बहला-फुसलाकर भगा ले जाना भी महंगा पड़ेगा और सीधा जेल की सलाखें देखनी पड़ेंगी।

 

 

खत्म हो गए ये पुराने कानून


देश में 1 जुलाई को अंग्रेजों के जमाने से चल रहे कानूनों का राज खत्म हो गया। उनकी जगह 3 नए कानूनों- भारतीय न्याय संहिता (bharatiya nyaya sanhita 2023 chapter 5), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने ले ली है। इनमें से BNS ने IPC (1860) की जगह ली है। नए कानून में करीब 20 नए अपराध जोड़े गए हैं। साथ ही कई अपराधों को अब भी जुर्म की श्रेणी में रखा गया है। उनमें से एक है शादीशुदा औरत को गलत इरादे से बहलाना-फुसलाना। आइए जानते हैं BNS में इसको लेकर क्या कुछ बदलाव हुए हैं।

 

चैप्टर-5 में एक साथ है यह प्रावधान


भारतीय न्याय संहित में कुल मिलाकर 20 चैप्टर हैं। इससे पहले महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध पुराने IPC कानून में अलग-अलग बिखरे हुए थे। अब नए कानून में उन्हें एक साथ चैप्टर-5 में रखा गया है। इसमें शादी संबंधी अपराध भी शामिल है, जिनमें से धारा 84 (BNS Section 84) विवाहित महिला को आपराधिक इरादा से बहलाने-फुसलाने को दंडनीय अपराध बनाती है।

 

धारा 84 में यह किया गया है प्रावधान


भारतीय न्याय संहिता की धारा 84 के तहत अगर विवाहित महिला को जो किसी अन्य पुरुष की पत्नी है और व्यक्ति इस बारे में जानता है कि वह किसी भी व्यक्ति के साथ अवैध संबंध बना सकती है, या उस इरादे से महिला को छुपाता है या हिरासत में रखता है, तो ऐसा करने वाले व्यक्ति को सजा दी जाएगी। दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि आपराधिक इरादे से किसी शादीशुदा महिला को फुसलाकर उसे उसके पति से दूर ले जाना या हिरासत में रखना दंडनीय अपराध है। 


दो साल तक होगी सजा


भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 498 में आपराधिक इरादे से विवाहित महिला को बहला-फुसलाकर ले जाना या हिरासत में रखना अपराध है। इसमें भी दोषी को दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है। भारतीय दंड संहिता की धारा 498 के उल्लंघन की शिकायत पति की ओर से या अगर वह मौजूद नहीं है, तो संबंधित महिला की भलाई के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति की तरफ से दर्ज की जा सकती है।


एडल्ट्री को नहीं किया शामिल


भारतीय न्याय संहिता 2023 (Indian Judicial Code 2023) में एडल्ट्री को शामिल नहीं किया गया है। IPC की धारा 497 में व्याभिचार (Adultery in law) गंभीर अपराध था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में धारा 497 को असंवैधानिक करार दिया था। धारा 497 में लिखा था, यदि कोई पुरुष यह जानते हुए भी कि महिला किसी अन्य व्यक्ति की पत्नी है और उस व्यक्ति की सहमति या मिलीभगत के बगैर ही महिला के साथ यौन संबंध बनाता है तो वह व्यभिचार के अपराध का दोषी होगा। यह बलात्कार के अपराध की श्रेणी में नहीं आएगा।


एडल्ट्री को लेकर यह था प्रावधान


एडल्ट्री एक दंडनीय अपराध था और इसके लिए कानून में पांच साल की कैद या जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान था। धारा को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि धारा 497 मनमानी और पुरातन कानून है, जिससे महिलाओं के समता और समान अवसरों के अधिकारों का हनन होता है।