HBN News Hindi

Court Property Decision : बच्चों को मां-बाप की संपति करनी पड़ेगी वापिस, जान लें कानूनी नियम

Property News : बच्चों को दी गई संपति माता- पिता वापस ले सकते हैं। अभिभावक अपनी संपित अपने बच्चों के नाम कर देते हैं। उनकी उम्मीद होती है कि दी गई संपित के बदले उनका सम्मान किया जाऐगा । उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाऐगा । लेकिन माता- पिता बच्चों को दी गई संपित वापस ले सकते हैं कैसे क्या हैं कानूनी नियम जानें खबर में । 
 | 
बच्चों को मां-बाप की संपति करनी पड़ेगी वापिस, जान लें कानूनी नियम
Court Property Decision  Property News Guardian  Guardian Property Rules will take good care of rights

HBN News Hindi (ब्यूरो):  जो संतानें यह सोचती हैं कि एक बार संपति मिलने पर वो अपने माता- पिता के साथ जैसा चाहें वैसा व्यहार कर सकते है । ऐसा सोचना बिलकुल गलत है । बच्चों को जो संपति दी गई है। माता-पिता चाहें तो उनसे वापस ले सकते हैं (Guardian Property Rules )। हाईकोर्ट के फैसले बाद बच्चों को माता-पिता के सम्मान के बारें फिक्रमंद होना पड़ेगा।
न्यायमूर्ति एस एम सुब्रमण्यम ने मां के हक में फैसला देते हुए कहा, ‘महज ये दोहराना कि संपत्ति की विल प्‍यार में बच्‍चों के नाम उनके फायदे के लिए कर दी गई लेकिन इसे नागरिकता कानून और माता-पिता का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम पर खरा उतरना होगा (Court Decision)।


अधिनियमों का उल्‍लंघन करता है तो संपत्ति के नियम बदले जा सकते हैं 


होई कोर्ट ने सब रजिस्‍ट्रार के फैसले को सही ठहराते हुए कहा, ‘संपत्ति की विल(estate will Rules ) बनाते वक्‍त प्‍यार और लगाव विचारणीय बात है लेकिन अगर कोई उक्‍त अधिनियमों का उल्‍लंघन करता है तो इसे बदला जा सकता है। सब-रजिस्‍ट्रार के आदेश में कोई कमी नहीं है।’ तमिलनाडु के तिरुप्‍पुर की रहने वाली शकीरा बेगम ने अपनी संपत्ति को बेटे मोहम्‍मद दयान के नाम कर दिया था। मां ने सब रजिस्‍ट्रार का रुख करते हुए कहा था कि उसने बेटे के नाम संपत्ति इस शर्त पर की थी कि वो उसका अच्‍छे से ख्‍याल रखेगा (Guardian good care )। अब उसे अपने वादे पर खरा उतरना है, जो वो नहीं कर रहा है।

 माता-पिता का रखना होगा सम्मान 


इसके विरोध में बेटे की तरफ से कहा गया कि 20 अक्‍टूबर 2020 को जो विल बनाई गई थी, उसमें ऐसी कोई बात नहीं कही गई थी कि उसे इसके एवज में मां का ख्‍याल रखना है। बेंच ने कहा, ‘नियमों के सभी प्रावधानों का मकसद यह है कि सीनियर सिटिजन (Senior Citizen rights)के अधिकारों की रक्षा हो सके। उनके साथ मानवीय बर्ताव हो। जब मानवीय व्‍यवहार उनके प्रति बेरुख है और उनकी सुरक्षा व सम्‍मान की रक्षा नहीं हो पा रही है तो प्रावधानों को लागू करना होगा।