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Onion Price : आम लोगों को नहीं रुलाएंगे प्याज के रेट, सरकार इस योजना पर कर रही काम

Onion Prices In India : गरीबों की बुनियादी सब्जी माने जाने वाले प्याज अब उनकी पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। गरीब परिवारों के लिए  पिछले कुछ समय से प्याज की आसमान छूती कीमतों के कारण अपने रसोई के बजट का प्रबंधन करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सरकार के द्वारा इनकी बढ़ती कीमतों को कंट्रोल करने के लिए महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। आइए जानते हैं सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों के बारे में।

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Onion Price : आम लोगों को नहीं रुलाएंगे प्याज के रेट, सरकार इस योजना पर कर रही काम

HBN News Hindi (ब्यूरो ) : इस समय में देखते ही देखते प्याज के दाम आसमान छूने लगे हैं ।आपको बता दें कि  ऐसे में इन गर्मियों के दिनों और बरसात के दौरान प्याज के दाम आसमान पर ना पहुंचें,इसके लिए सरकार ने योजना बनाई है जिसके तहत  केंद्र सरकार इस साल अपने बफर स्टॉक के लिए पांच लाख टन (onion prices)प्याज खरीदने की योजना खरीदने जा रही है। आइए जानते हैं इस पूरी योजना  के बारे में।

 


प्याज के दाम में आया बड़ा उछाल


देश के अलग-अलग राज्यों (दिल्ली में प्याज के रेट)की सब्जी मंडियों में इस समय प्याज के दाम परवान चढ़ रहे हैं। दिल्ली-नोएडा-गुड़गांव जैसे इलाकों में तो ये 50-60 रुपये किलो के करीब पहुंच रही है। हालांकि कई क्षेत्रों में प्याज के दाम स्थानीय कारणों से अलग-अलग रेंज में चल रहे हैं लेकिन सामान्य जनता को तो प्याज के लिए(सब्जियों के बढ़ते दाम ) ज्यादा ही दाम चुकाने पड़ रहे हैं।


इसका उद्देश्य है प्याज की बढ़ती कीमतों को रोकना 


यह जानकारी दी गई है कि सरकार इस साल 1 लाख टन का बफर स्टॉक बनाने के लिए प्याज के(Onion Prices In India) रेडिएशन प्रोसेसिंग को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की योजना बना रही है। इस कदम के जरिए सरकार राजनीतिक रूप से सेंसेटिव माने जाने वाले (Onion Production)खाने के आइटम प्याज की बढ़ती कीमतों को रोकना चाहती है और इसकी कमी ना होने देने का इंतजाम करेगी। 

 

सरकार उठा रही ये कदम


उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में कहा कि प्याज की होर्डिंग या जमाखोरी और अक्सर सप्लाई में दिक्कत पैदा होने की(Onion ki badhte rate) वजह से कीमतों में अस्थिरता देखी जाती है। इसको रोकने के लिए सरकार प्याज के 'स्वजीवन' (शेल्फ लाइफ) को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर रेडिएशन टेक्नोलॉजी (विकिरण प्रौद्योगिकी) का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।

 

केद्रं सरकार से किए जा रहे ये काम


केंद्र सरकार की तरफ से उपभोग क्षेत्रों के आसपास 50 रेडिएशन सेंटर्स की पहचान की जा रही है। 
अगर ये सफल होता है तो इस साल एक लाख टन तक(सब्जियों के दाम) रेडिएशन प्रोसेस्ड प्याज का स्टोरेज कर पाएंगे।

 


ऐसी कई  एजेंसियां इस साल बफर स्टॉक बनाने के लिए 5 लाख टन प्याज खरीद रही हैं।
सोनीपत, ठाणे, नासिक और मुंबई जैसे प्रमुख खपत(onion prices) केंद्रों के आसपास रेडिएशन सेंटर्स की खोज करने के लिए कहा जा चुका है।


प्याज की रेडिएशन प्रोसेसिंग 
 बफर स्टॉक के तेजी से ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा के लिए मंत्रालय(प्याज की कीमतें) प्रमुख रेल केंद्रों पर नियंत्रित वातावरण वाली स्टोरेज फैसिलिटी स्थापित करने पर भी विचार कर रहा है। पिछले साल महाराष्ट्र के उत्पादक क्षेत्र के पास 1200 टन के छोटे पैमाने पर प्याज की रेडिएशन प्रोसेसिंग की कोशिश की गई थी।

 

इन राज्यों में कम पैदावार


सरकार के अनुमानों के मुताबिक महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश( प्याज के रेट) जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में कम पैदावार दर्ज की गई है। इसके चलते दुनिया के सबसे बड़े प्याज निर्यातक देश भारत के उत्पादन में 2023-24 में 16 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है। इस बार प्याज का उत्पादन दो करोड़ 54.7 लाख टन रहने की उम्मीद है जो कि पहले के मुकाबले कम है।