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Jackfruit Farming : कम लागत से होगी सालों-साल बंपर कमाई, कटहल की ज्यादा पैदावार के लिए अपनाएं यह तरीका

Jackfruit Cultivation :आज के समय में किसानों के लिए खेती जीवनयापन के साथ-साथ उनकी आय का भी मुख्य स्त्रोत है। ऐसे में हर किसान यही चाहता है कि वो ऐसी फसलों की खेती करें जिससे कम लागत में भारी मुनाफा कमा सकें। तो आज हम आपको ऐसी ही एक खेती के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे एक बार लगाने से आप मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। आइए जानते हैं इस खास फसल की खेती के बारे में डिटेल से।
 
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Jackfruit Farming : कम लागत से होगी सालों-साल बंपर कमाई, कटहल की ज्यादा पैदावार के लिए अपनाएं यह तरीका 

HBN News Hindi (ब्यूरो) : हमारे देश की आधी से अधिक जनसंख्या (Jackfruit Farming)खेती पर निर्भर करती है।खेती किसानों के जीवनयापन का एक जरिया है। आज यहां हम बात कर रहें है कटहल की खेती की । कटहल को फल व सब्जी दोनों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और ये हमारे सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। इस कारण मार्केट में भी इसकी डिमांड बनी रहती है। इसकी खेती से किसान कई सालों तक बंपर कमाई कर सकते हैं।आइए जानते हैं कटहल की खेती को करने के तरीके के बारे में।

 


कटहल की खेती करने का सही समय


कटहल के पेड़ की लंबाई 8 से 15 मीटर तक रहती है और इसके पेड़ में फल लगना बसंत ऋतू से शुरू हो जाता है और इससे वर्षा ऋतू तक फल प्राप्त होता है। इसका पेड़ छोटा और मध्यम आकार में होता है और काफी फैलावदार होता है। कटहल को(Kathal ki kheti kaise kre) सब्जी के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, इसके पेड़ से किसान सालभर में 80 से 90 फल प्राप्त कर लेते हैं। इसके पेड़ से मिलने वाले फल का रंग गहरा हरा होता है और इसका आकार गोल होता है। कटहल के बीज वाला भाग मुलायम होने की वजह से इसके फल को पकने में ज्यादा समय लगता है।

 

कटहल की खेती के लिए उपयूक्त मिट्‌टी का यूज

 


किसान कटहल की खेती किसी भी प्रकार की मिट्टी में कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए(Kathal ki kheti ke fayde) बलुई और दोमट मिट्टी को उपयुक्त माना जाता है। यह एक उष्णकटिबंधीय फल है, क्योंकि इसका उत्पादन नम और शुष्क दोनों मौसमों में किया जा सकता है। कटहल की खेती करने के लिए ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है। इसकी फसल को अधिक सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती है, अधिक सिंचाई से इसकी फसल नष्ट भी हो सकती है। इसकी जड़े पानी को सोख नहीं पाती है इसलिए किसानों को इसके खेत में सही जल निकासी का प्रबंध करना होता है।

 

 

कटहल की अच्छी किस्में


रसदार
खजवा
सिंगापुरी
गुलाबी
रुद्राक्षी

कटहल का पौधा लगाने का तरीका


इसका पौधा लगाने से पहले आपको पके हुए कटहल में से बीजो को निकाल लेंना है। इसकी बुवाई के लिए उपजाऊ मिट्टी का चयन करना है। बुवाई से(Jackfruit Benefits) पहले मिट्टी में जैविक खाद और अन्य उर्वरक खाद को अच्छे से मिला लेंना है, जिससे इसकी खेती(Kathal ki kheti krne ka tarika) सही तरीके से की जा सकती है। बुवाई करने के तुंरत बाद पानी का छिड़काव करना होता है। इसके पौधे की बुवाई करने के बाद 1 साल तक पौधे की देखभाल करनी होती है।

 

 

समय-समय पर खाद का उपयोग 

 

कटहल के पेड़ से प्रत्येक वर्ष फल प्राप्त होता है। इसलिए इसके पेड़ की अच्छी उर्वरकता और उत्पादकता को बनाए रखने के लिए समय-समय पर खाद का उपयोग करना होता है। किसान इसके खेत में गोबर की खाद, यूरिया,पोटास और फास्फोरस जैसी खादों को (Jackfruit Farming Tips)डाल सकते हैं। इसके पौधा का आकार बढ़ने पर आपको इसकी खाद में भी वृद्धि करनी होती है। इसके पेड़ में खाद डालने के लिए एक गड्डा बना जाता है, जिसमें खाद को डाला जाता है।