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Dhan Ki Kheti : धान की सीधी बुवाई के लिए अपनाएं ये तरीके, कम समय में मिलेगा ज्यादा उत्पादन

Agriculture updated News : परंपरागत तरीके में पहले धान की पौध तैयार की जाती है और फिर उसको पानी भरे खेतों में रोपा जाता है, लेकिन अब धान की बुआई और रोपाई के तरीके में भी बदलाव आया है।आज हम आपको धान की टॉप किस्म के बारे में बताएंगे। जिनकी बुवाई कर किसान कम दिनों में अच्छा उत्पादन ले सकते हैं।आइए जानते हैं।
 
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Dhan Ki Kheti : धान की सीधी बुवाई के लिए अपनाएं ये तरीके, कम समय में मिलेगा ज्यादा उत्पादन

 HBN News Hindi (ब्यूरो) : भारत के कई हिस्सों में धान की खेती की जाती है धान की (Paddy transplantation)खेती करने वालो के लिए ये तरीके बेहतरीन साबित हो सकते हैं। इन तरीको से खेती कम खर्च में हो जाएगी और साथ ही अच्छा उत्पादन भी मिलेगा। आज हम आपको बता रहे हैं सबसे कम (Paddy transplantation in limited time period)अवधि में पकने वाली पूसा बासमती चावल के बारे में। जो किसानों द्वारा बेहद पसंद की जाती है। किसान पूसा बासमती की किस्म की सीधी बुवाई कर इसका बंपर उत्पादन ले सकते हैं। जानिए इसकी बुवाई के लिए कौन सा समय उपयुक्त है।

 

 

कौन सा समय है उपयुक्त

भारत के कई हिस्सों में उगाई जाने वाली पूसा बासमती PB 1121 इसको बेहद पसंद किया(धान की रोपाई) जाता है। यह किस्म सबसे ज्यादा निर्यात की जाती है। बासमती चावल के कुल निर्यात में पूसा बासमती PB 1121 की करीब 47% हिस्सेदारी है। चावल की यह किस्म अपनी खुशबू, स्वाद और लंबे दाने के लिए पहचानी जाती है। पूसा बासमती की PB 1121 की बिजाई करने के लिए 20 मई से 15 जून तक का समय बेहद उपयुक्त है। इस बासमती की इस किस्म से 18 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से उत्पादन लिया जा सकता है।

 

 अन्य किस्मों के मुकाबले अधिक फायदे


पूसा बासमती की PB 1718 किस्म की रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होती है। इस किस्म में रोग बहुत कम लगते हैं। बल्कि धान की अन्य किस्में के मुकाबले 20% पानी की भी बचत होती है। इसकी बिजाई करने के लिए 15 मई से 20 में तक का समय उपयुक्त है। यह किस्म करीब 135 दिन में पककर तैयार हो जाती है। इसकी बेहतर तरीके(धान की सीधी बुवाई से लाभ) से देखभाल कर ली जाए तो यह 20 से 25 क्विंटल उत्पादन देती है।


प्रति एकड़ के हिसाब से उत्पादन


वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई पूसा बासमती PB 1885 ,बासमती की (direct sowing of paddy)यह किस्म 140 दिन में पककर तैयार होती है। यह किस्म करीब 19 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से उत्पादन देती है। इस किस्म में धान के दाने लंबे होते हैं। बासमती की इस किस्म में ब्लास्ट रोग से लड़ने की क्षमता भी अधिक होती है।

 

कम पानी वाले क्षेत्रों में भी अच्छा उत्पादन  


कम अवधि में पकने वाली पूसा बासमती PB 1692 जो किसानों (किसान उठा सकते हैं इसका फायदा)द्वारा बेहद पसंद की जाती है। यह किस्म 115 से 120 दिन में पककर तैयार हो जाती है। यह किस्म कम पानी वाले क्षेत्रों में भी बेहतर अच्छा उत्पादन देती है। इस किस्म के चावल के दाने क्वालिटी में अच्छे होते हैं जो कि टूटते नहीं है।


 सीधी बिजाई के लिए बेहद उपयुक्त 


पूसा बासमती की किस्म PB 1847 की सीधी बिजाई कर किसान बंपर (धान की सीधी बुवाई से लाभ)उत्पादन ले सकते हैं। धान की यह किस्म झुलसा और झोंका रोधी है। यह धान सीधी बिजाई के लिए यह समय बेहद उपयुक्त है। अगर किसान अभी सीधी बिजाई कर देते हैं तो 27 से 32 से क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से उत्पादन मिलेगा।