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Bihar के किसानों की हो गई मौज, अब मुफ्त मिलेंगे फसलों के बीज, कई गुना होगी कमाई

Agriculture updated: भारत एक कृषि प्रधान देश है। जहां आज भी आबादी का एक बड़ा हिस्सा खेती पर निर्भर रहता है लेकिन सामान्य खेती के मुकाबले वैज्ञानिक तरीकों से खेती करना ज्यादा फायदेमंद होता है, लेक‍िन इसमें व‍िशेष सावधानी रखनी पड़ती है।आपकी एक लापरवाही बीज को खराब कर सकती है। आपको बता दें कि बिहार सरकार ने किसानों की कमाई के लिए एक खास प्लान बनाया है, जिसके तहत किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं, आइए जानते हैं इसकी पूरी डिटेल।

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Bihar के किसानों की हो गई मौज, अब मुफ्त मिलेंगे फसलों के बीज, कई गुना होगी कमाई

HBN News Hindi (ब्यूरो ) : किसान को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार अनेक कदम उठाती है। बिहार सरकार ने भी इस दिशा में पहल की है। अब बिहार के किसान एक खास योजना के तहत फसलों के उत्तम बीज (seed production programme) ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें विभाग की वेबसाइट से जुड़ना होगा। आपको बता दें किसानों की समस्याओं काे ध्यान में रखते हुए और उनकी आय की बढ़ोत्तरी के लिए बिहार सरकार ने बीज प्रोडक्शन प्रोग्राम शुरू किया है। आइए जानते हैं इस प्रोग्राम के बारे में।

 


बीज प्रोडक्शन प्रोग्राम से जुड़ने के लिए ऐसे करें आवेदन

बिहार सरकार कृषि विभाग के मुताबिक, बीज प्रोडक्शन प्रोग्राम (seed production programme 2024)से जुड़ने के लिए किसानों को ऑनलाइन ब‍िहार राज्य बीज निगम की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद किसानों को बिहार राज्य बिज निगम के कुदरा (कैमूर), शेरघाटी (गया), हाजीपुर (वैशाली), बेगूसराय और भागलपुर के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रबंधक से संपर्क कर आधार बीज ले सकते हैं।

किसानों को इन फसंलो के बीज
बीज उत्पादक बनने के लिए किसानों को (kisano ko diye jaynge adhar seed)आधार बीज दिया जाएगा। धान का बीज 42 रुपये किलो दिया जा रहा है। धान के साथ-साथ किसान अरहर, मरुआ, बाजरा, ज्वार, कोदो, चीना, सावा और कंगनी का बीज उत्पादक बन सकते हैं।

 


 2833 किसान जुड़े इस प्रोडक्शन प्रोग्राम में
मोटे अनाज के बीज उत्पादन पर किसानों को 3,000 रुपये प्रति क्व‍िंटल का अनुदान भी दिया जा रहा है। 2833 किसान बीज बिहार राज्य निगम के बीज प्रोडक्शन प्रोग्राम से जुड़कर बीज का उत्पादन कर रहे हैं।


बासोका की देखरेख में होगी बीज की प्रोसेसिंग
बीज की प्रोसेसिंग बासोका की देखरेख में की जाएगी। प्रोसेस किए गए(Agriculture updated News) बीज पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के ऊपर 20 फीसदी भुगतान किया जाएगा। प्रोसेस के बाद अंडर साइज बीज किसानों को वापस दे दिए जाएंगे। एक साइज वाले बीज को निगम अपने पास रख लेगा।

 

 

किसानों को देना होगा निरीक्षण शुल्क
क‍िसानों को प्रति हेक्टेयर 375 रुपये निरीक्षण शुल्क देना होगा। इसमें 25 रुपये निबंधन शुल्क जुड़ा होगा। बीज प्रोडक्शन (Agriculture news)प्रोग्राम के लिए कम से कम एक गांव में 10 हेक्टेयर खेती में बीज प्रोडक्शन प्रोग्राम की शुरुआत करनी होगी।