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Agriculture: इस फूल की खेती किसानों को कर देगी मालामाल, कम लागत में होगा मोटा मुनाफा

Marigold farming : देशभर के किसान अब एक बार फिर पारंपरिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। खेती के साथ-साथ बिहार में किसान बागवानी में भी रूचि दिखा रहे हैं। आज हम यहां ऐसे ही एक फूल की खेती की बात कर रहे हैं।आपको बता दें कि इन फूलों की डिमांड बिहार ही नहीं बल्कि देशभर के कई राज्यों में है। आइए जानते हैं इस बारे में डिटेल से।

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Agriculture: इस फूल की खेती किसानों को कर देगी मालामाल, कम लागत में होगा मोटा मुनाफा

HBN News Hindi (ब्यूरो) : किसानों को प्रोत्साहन देते हुए सरकार ने फूलों की खेती करने वाले किसानों के लिए एक प्लान बनाया है। जिसमें सरकार द्वारा गेंदे की खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। आपको बता दें कि बिहार सरकार की तरफ से फूलों (marigold farming)की खेती के लिए सब्सिडी देने की योजना तैयार की है।


गेंदा फूल की खेती 


गया जिले के डोभी, बोधगया, मानपुर प्रखंड क्षेत्र में बड़े पैमाने(गेंदे की खेती से लाभ) पर किसान इससे जुड़े हुए हैं। यहां लगभग 80 हेक्टेयर में गेंदा फूल की खेती होती है। इससे किसानों को धान और गेहूं की तुलना में चार गुना अधिक आय हो रही है।

 

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 
इस बार गया जिले में डेढ़ सौ हेक्टेयर में गेंदा फूल की खेती क्लस्टर में कराई जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है। जो किसान गेंदा फूल की खेती करना चाहते हैं वो हॉर्टिकल्चर विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन(गेंदे के फूल की डिमांड) कर सकते हैं। इसकी खेती के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 70% यानी 28000 रुपया सब्सिडी के रूप में दिया जाता है।

 

गेंदे फूल की खूब डिमांड 


गया जिले में गेंदे फूल की खूब डिमांड है। यहां महाबोधि मंदिर,(the government will provide 70 percent assistance) विष्णु पद मंदिर, मंगला गौरी मंदिर के अलावा अन्य कई मंदिरों को रोजाना 15 क्विंटल से अधिक फूल से सजाया जाता है। बताया जाता है कि गेंदा फूल ही ऐसी खेती है जो किसानों को अन्य फसल की तुलना में 4 से 5 गुना अधिक मुनाफा देती है। इसकी खेती सालों भर की जा सकती है।

 

नहीं लगती कीट और बीमारी 
गया जिला उद्यान पदाधिकारी तबस्सुम परवीन बताती हैं गया जिला कम बारिश वाला इलाका है। यहां धान की खेती में किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। गेंदा फूल की खेती किसानों के लिए आय का बेहतर जरिया हो सकता है। इसके अलावा (Marigold farming is a profitable business)गेंदा फूल की खेती में कीट और बीमारी नहीं लगती। इसमें मेडिसिनल वैल्यू होने के कारण कीड़े मकोड़े इससे दूर भागते हैं। अभी जिले में जितना गेंदा फूल की खेती हो रही है। उससे डिमांड का सिर्फ 20% ही पूरा हो पाता है। जरूरत को पूरा करने के लिए कोलकाता से फूल मंगाए जाते हैं।