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Chilli cultivation : मिर्च की खेती से किसानों को हो रहा जबरदस्त मुनाफा, इस खास तरीके से करें बुवाई

chilli Farming:मिर्च की खेती किसानों के लिए एक बेहतर आय का जरिया बन सकती है। अगर किसान बढ़िया तकनीक के साथ इसकी खेती करें तो इसकी खेती से अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं।आपको बता दें कि मिर्च की खेती भी ऐसी ही मोटी कमाई देने  वाली खेती है। बस इसकी खेती के लिए सही तकनीक की जरूरत है। आइए जानते हैं इस खेती के बारे में विस्तार से। 
 
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chilli Farming: मिर्च की खेती से किसानों को हो रहा जबरदस्त मुनाफा,  इस खास तरीके से करें बुवाई

HBN News Hindi (ब्यूरो) :  मिर्च की खेती से एक साल में ही किसान लाखों रुपये(Chilli cultivation) की कमाई कर सकते है क्योंकि भारत के घर-घर में मिर्च की काफी डिमांड है और यह कम लागत में तैयार हो जाती है। इससे किसानों की भारी बचत भी होती है।आइए जानते हैं इस खेती के बारे में विस्तार से।


किसान के लिए ये खेती है फायदेमंद


जिस प्रकार जिले की मिट्टी(मिर्च की खेती) मिर्च की फसल के लिए काफी मुफीद मानी जाती है। इसमें पानी की निकासी सही होने के साथ ही कम लागत में तैयार हो जाती है। तो दूसरी ओर एक बार इसके पौधे लगाने के बाद कई बार में कमाई होती है। इसीलिए इन दिनों किसान मिर्च की विभिन्न(how to cultivate chilli) प्रजातियों को तैयार करके बिक्री कर रहे हैंकमालगंज क्षेत्र के महमदपुर निवासी विजय कुमार ने बताया उन्होंने इस समय पर सुईया मिर्च अपने खेतों में उगाई हैं, जो कि 90 दिन में तैयार होती है और दो महीने तक आसानी से चलती रहती है।

 

कम लागत में अधिक मुनाफा


इसमें मुख्य रूप से एक बीघा में 10 से लेकर 15 हजार रुपए तक की लागत आ जाती है। लेकिन एक बार फसल तैयार(cost in chilli cultivation) होने के बाद 50 से 60 हजार रुपए की कमाई आसानी से हो जाती है।

 

फसल की पैदावार में होगी बढ़ोतरी


किसान ने अपने खेतों में प्लास्टिक के पाइप लगा रखे हैं। जो हर पौधे की जड़(cost in chilli cultivation) तक टपक पद्धति द्वारा पानी पहुंचाते हैं। जिससे खेत में अत्यधिक खतपतवार भी नहीं होता है। वहीं दूसरी ओर पौधे को पर्याप्त मात्रा में पानी भी मिल जाता है। जिसके कारण फसल की पैदावार भी बढ़ जाती है।


इस खाद का करें यूज 
किसान ने बताया मिर्च के पौधे की जो पत्तियां होती हैं, उनको(when is chilli cultivation) वह निकालकर जैविक खाद में मिलाकर खेत में डालते हैं। जिससे कीटाणु भी नष्ट होते हैं। इसके पौधे की लकड़ियों को वह इंधन के कार्य में प्रयोग करते हैं। वहीं मिर्च के पत्तियों को वह प्रयोग में लेते हैं। जिससे इनके खेतों की उर्वरक क्षमता भी बढ़ती है