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Agriculture: मामूली खर्चे में अधिक मुनाफा देकर मालामाल कर देगी टमाटर की खेती, इन किस्मों को उगाएं किसान

Agriculture Update News : टमाटर एक ऐसी फसल है जिसकी मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है, वैसे तो टमाटर की खेती साल भर की जाती है, लेकिन मई-जून का महीना टमाटर की खेती के लिए बिल्कुल सही होता है। इसलिए इस समय में कुछ बातों का ध्यान रखकर अच्छा मुनाफा कमाया जा  सकता है। आइए जानते हैं इस खबर के जरिए टमाटर की खेती के बारे में ।
 
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Agriculture: मामूली खर्चे में अधिक मुनाफा देकर मालामाल कर देगी टमाटर की खेती, इन किस्मों को उगाएं किसान

HBN News Hindi (ब्यूरो) :गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही किसान अपने खेतों में(Agriculture) टमाटर की फसल उगाने लगते हैं। ऐसे में कई बार कम जानकारी होने के कारण किसान उतना अधिक उत्पादन नहीं कर पाते हैं, जितना होना चाहिए।आज हम इस खबर में आपको बताएंगे कि कैसे आप कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।

 


इतने समय में होती है टमाटर की कटाई व रोपाई 


इस किस्म की विशेषता यह है कि यह अनियमित वृद्धि वाली किस्म है। इसके(Agriculture Update news)टमाटर की पहली कटाई रोपाई के 75-80 दिन बाद शुरू होती है। साथ ही, क्षेत्र की जलवायु परिस्थितियों के आधार पर किसान इसके पौधों से 270 से 300 दिनों तक फल ले सकते हैं। इसके फल गोल, सुनहरे पीले गुच्छों में होते हैं। इसकी सतह चिकनी होती है।


गर्मियों में हो सकती है अच्छी खेती 

 

पूसा द्वारा विकसित टमाटर की इस किस्म की (Agriculture INDIA)खेती के लिए अपेक्षाकृत गर्म मौसम की आवश्यकता होती है। किसान गर्मियों में इसकी अच्छी खेती कर सकते हैं। फलों के विकास और रंग के लिए रात का तापमान 20-25 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, जो इसके लिए आदर्श माना जाता है।

 

 

 बलुई दोमट मिट्टी फसल उगाने के लिए रहती है सही

इसकी खेती में अच्छे उत्पादन के लिए मिट्टी (Agriculture ka best production)का पीएच मान 6 से 7 के बीच होना चाहिए। साथ ही मिट्टी बलुई दोमट होनी चाहिए, जिसमें जल(Agriculture Data) निकासी की अच्छी व्यवस्था हो। आमतौर पर इसकी खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 25-30 टन सड़ी हुई गोबर की खाद की आवश्यकता होती है।

यह किस्म देती है जबरदस्त पैदावार 


इस किस्म की खासियत यह है कि यह जबरदस्त (Agriculture In India)पैदावार देती है। यह अनियमित वृद्धि वाली किस्म है। औसतन, यह प्रति पौधा 9-10 गुच्छों में फल पैदा करता है और प्रत्येक गुच्छे में 25-30 चेरी टमाटर पैदा होते हैं।एक चेरी टमाटर का औसत वजन 7 से 8 ग्राम होता है। साथ ही एक पौधे से औसत उपज तीन से साढ़े चार किलोग्राम तक हो सकती है। इसकी उपज क्षमता 9-11 टन प्रति हजार वर्ग मीटर है।

पहली कटाई के लिए इतने दिन में तैयार होती है फसल


टमाटर की यह किस्म रोपाई के 75-80 दिन बाद पहली कटाई के लिए तैयार हो जाती है। साथ ही इसकी फसल लंबे(टमाटर की खेती लबें समय तक चलती है) समय तक, लगभग 9-10 महीने तक चलती है।इसके फलों में 13।02 मिलीग्राम कैरोटीन, 0।33 प्रतिशत खट्टापन और 90 प्रतिशत तक मिठास प्रति 100 ग्राम ताजे वजन के साथ-साथ 18।3 मिलीग्राम एस्कॉर्बिक एसिड होता है।

पर्यावरण  पॉलीहाउस में भी की जा सकती है इसकी खेती


पूसा गोल्डन चेरी टमाटर की खासियत यह है कि(कृषि भारत) किसान इसकी खेती पूरी तरह से नियंत्रित पर्यावरण पॉलीहाउस में साल भर कर सकते हैं। यदि पॉलीहाउस हवादार या कम लागत वाला है तो ऐसे पॉलीहाउस में इसे सितंबर माह में लगाया जाता है और इसकी फसल मई माह तक ली जा सकती है।

गर्मियों के मौसम में करें बुवाई


इसके बीज दर की बात करें तो इसकी रोपाई के लिए प्रति हेक्टेयर 125 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है। अगर आप इसके पौधे नर्सरी में तैयार कर रहे हैं तो जुलाई-अगस्त के महीने में कोकोपिट नर्सरी ट्रे में इसकी बुआई कर सकते हैं। इसकी खेती में खरपतवारों पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी है।