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Agricultre News: ऑर्गेनिक फार्मिंग से चमकेगी किसानों की किस्मत, कम लागत में बंपर पैदावार

Organic Farming : किसानों का पारंपरिक खेती की तरफ अधिक रूझान रहता है। पारंपरिक खेती  की फसलों से किसान अच्छी कमाई कर लेते हैं। लेकिन आपको बता दें कि अब कई किसान पारंपरिक खेती को छोड़कर ऑर्गेनिक फार्मिंग को अपना रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में खबर के माध्यम से।

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Agricultre News: ऑर्गेनिक फार्मिंग से चमकेगी किसानों की किस्मत, कम लागत में बंपर पैदावार

HBN News Hindi (ब्यूरो) : आपको बता दें कि कई किसान अब पारंपरिक खेती को छोड़कर ऑर्गेनिक फार्मिंग को अपना रहे हैं और अच्छी-खासी कमाई (Organic Farming)कर रहे हैं। इन्होने कम लागत में अपनी खेती शुरू की और अब ये इनकी अच्छी पैदावार से बंपर कमाई कर रहे हैं। तो आइए जानते हैं। पारंपरिक खेती के बारे में।

 


ऑर्गेनिक फार्मिंग के तरीकों का उपयोग 


आज कल ऑर्गेनिक फार्मिंग काफी प्रचलन में है। आपने भी इसके बारे में सुना होगा। कई लोग पारंपरिक खेती को छोड़कर ऑर्गेनिक फार्मिंग को अपना रहे हैं और अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं। खेती को आज के समय में अच्छा सोर्स ऑफ इनकम माना(agriculture department) जा रहा है। ऐसे कई किसाान है जो ऑर्गेनिक फार्मिंग के तरीकों का उपयोग करके मौसमी सब्जियों के साथ-साथ गेहूं, चावल और मूंग की कई फसलें उगा रहे हैं।


इन पेड़ो से कर सकते हैं ऑर्गेनिक फार्मिंग की शुरुआत 

अगर आप भी किसान है तो आप भी ऑर्गेनिक फार्मिंग की(natural farming) शुरुआत कर सकते हैं और अपने खेत और उसके आस-पास अमरूद, आम, केला और गन्ने के पेड़ लगाने से शुरुआत कर सकते हैं।। वाग्धारा के एक्सपर्ट्स ने अन्य किसानों को बायो-फर्टीलाइजर्स-जीवामृत, बीजामृत आदि तैयार करने की क्षमता बढ़ाने के बारे में बताया। इसके साथ ही वर्मीकम्पोस्टिंग पर ट्रेनिंग के साथ-साथ उन्हें वर्मी बेड भी दिए गए।

 

  

तुरंत बिक रही फसल


परिवार की कड़ी मेहनत के से उनकी उपज की भारी(Agriculture news updates) मांग होने लगी। लोग उनकी उपज को स्थानीय बाजार में पहुंचने से पहले ही उनके खेत से खरीद लेते हैं।  फर्टिलाइजर और पेस्टीसाइड के उपयोग में कमी के कारण उनकी लागत काफी कम हो गई है। ऑर्गेनिक गेहूं का सालाना उत्पादन 25 क्विंटल, धान का 10 क्विंटल और बैंगन, अमरूद, टमाटर आदि सब्जियों और फलों का उत्पादन 20 क्विंटल से ज्यादा है